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गया में यूरिया की कालाबाजारी: किसान 380 की खाद 1850 में खरीदने को मजबूर

By Nov 23, 2025

गया जिले में उर्वरक विक्रेताओं की मनमानी चरम पर है, जहाँ यूरिया जैसी आवश्यक खाद की कालाबाजारी खुलेआम की जा रही है। किसानों को सरकारी दर 380 रुपये में उपलब्ध होने वाली यूरिया के लिए 1850 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। डोभी प्रखंड में यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहाँ जागरण प्रतिनिधि ने ग्राहक बनकर कई उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया।nnडोभी-गया मुख्य मार्ग पर स्थित तीन दुकानों में डीएपी खाद 1800 रुपये प्रति बैग और यूरिया 360 रुपये प्रति बैग की दर से बेची जा रही थी। दुकानदारों का कहना था कि खाद उपलब्ध है, इसलिए किसान अधिक सवाल नहीं उठाते। करमौनी बाजार और बारी पंचायत के रास्तों पर स्थित दुकानों में कीमतें और भी अधिक थीं, जहाँ डीएपी 1850 रुपये और यूरिया 370 रुपये प्रति बैग तक में बेचा जा रहा था। कुछ दुकानदारों ने अधिक खरीद पर थोड़ी छूट देने की बात भी कही, जो साफ तौर पर कालाबाजारी की ओर इशारा करता है।nnनिरीक्षण के दौरान एक महिला किसान, जिसने नाम न छापने की शर्त पर बात की, ने बताया कि सभी दुकानों में यही दरें लागू हैं। रबी फसल के लिए डीएपी की अनिवार्यता को देखते हुए उसे 1850 रुपये देकर खाद खरीदनी पड़ी। यह भी पाया गया कि अधिकांश दुकानों पर न तो सरकारी दर सूची का बोर्ड लगा था और न ही स्टॉक रजिस्टर का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध था। जब इस संबंध में दुकानदारों से सवाल किया गया, तो एक दुकानदार ने बेबाकी से कहा कि ज्यादा मात्रा में न बेचने पर सबको खाद नहीं मिल पाएगी। उसने यह भी स्वीकार किया कि खाद उठाने से लेकर बेचने तक नाजायज खर्चों के कारण सरकारी मूल्य पर बेचना संभव नहीं है।nnकिसानों का कहना है कि धान के मौसम में यूरिया की मांग अधिक होती है, वहीं रबी सीजन में डीएपी की जरूरत बढ़ जाती है। इस मांग का फायदा उठाकर दुकानदार मनमानी कीमत वसूल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर इस गोरखधंधे पर रोक लगाने की मांग की है।nnइस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजकुमार ने कहा है कि सभी खाद दुकानों की विस्तृत जांच की जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं, प्रखंड उर्वरक समिति की अध्यक्ष और प्रखंड प्रमुख सुनीता देवी ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकानदारों को तत्काल सुधार लाने की चेतावनी दी है।”
चेतावनी दी है।

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