ग्रेटर नोएडा: उन्नति फॉरचून बिल्डर सहित 10 पर 54 लाख की धोखाधड़ी का केस
ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता: ग्रेटर नोएडा में न्यायालय के आदेश पर उन्नति फॉरच्यून होल्डिंग बिल्डर सहित 10 लोगों के खिलाफ 54 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि बिल्डर ने एक दंपती से बिल्डिंग मेटेरियल की आपूर्ति के बाद भुगतान नहीं किया और पैसों के बदले आवंटित किया गया फ्लैट भी किसी और को बेच दिया था। शिकायतकर्ताओं को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिसरख कोतवाली पुलिस द्वारा दर्ज किए गए इस मामले में बिल्डर उन्नति फारचून होल्डिंग के सीएमडी अनिल मिठास समेत शशांक पाठक, राजेश कुमार पाठक, हिमांशु पाठक, शैलेंद्र प्रताप शर्मा, अंकित पाठक, रेखा रानी, संदीप कुमार त्यागी, रामेश्वर दयाल त्यागी और संजय लाल डलवन को आरोपी बनाया गया है।
पीड़ित विजेंद्र, जो नोएडा के सेक्टर-126 स्थित बख्तावरपुर गांव में अपनी पत्नी अंजू कुमारी के नाम से ‘ओम ट्रेडर्स’ नामक फर्म के तहत बिल्डिंग मेटेरियल का कारोबार करते हैं, ने अपनी शिकायत में बताया। वर्ष 2017 में उन्होंने सेक्टर-128 में उन्नति फारचून होल्डिंग बिल्डर के ‘द अरन्या’ प्रोजेक्ट में निर्माण सामग्री की आपूर्ति की थी। इसका कुल 54.97 लाख रुपये का भुगतान बिल्डर को करना था।
विजेंद्र के अनुसार, जब उन्होंने बिल्डर से अपने पैसे मांगे तो बिल्डर टालमटोल करता रहा। पीड़ित दंपती ने बिल्डर के सेक्टर-67 स्थित कार्यालय का भी दौरा किया, जहां ग्रुप के सीएमडी अनिल मिठास और अन्य डायरेक्टरों से मुलाकात हुई। पैसों की मांग करने पर उन्हें बताया गया कि कंपनी में कुछ दिक्कतें हैं और पैसों के बदले फ्लैट देने का वादा किया गया।
आरोपियों ने दिसंबर 2018 में दंपती को 1256 वर्ग फीट का एक फ्लैट आवंटित कर दिया। कब्जा मिलने के बाद पीड़ित दंपती उस फ्लैट में रहने लगे। हालांकि, उन्हें जल्द ही पता चला कि आरोपितों ने यह फ्लैट पहले ही रचना जैन नामक एक महिला को बेचा हुआ था।
इस धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित दंपती ने बिल्डर के कार्यालय जाकर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जब दंपती ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी।
कोतवाली के प्रभारी मनोज सिंह ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं से इसकी गहन जांच की जा रही है। यह मामला बिल्डर-निवेशक संबंधों में विश्वासघात और धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को उजागर करता है, जहां निवेशकों को अपनी गाढ़ी कमाई गंवाने के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ती है।
