ग्रेटर नोएडा जमीन घोटाला: लोकेंद्र भाटी गिरफ्तार, 500 करोड़ की जमीन बेचने का आरोप
ग्रेटर नोएडा में 500 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले में गौतम बुद्ध नगर क्राइम ब्रांच ने लोकेंद्र भाटी को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की करीब 51,000 वर्ग मीटर जमीन बिल्डरों और अन्य लोगों को बेच दी। दैनिक जागरण में इस जमीन घोटाले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सक्रियता से जांच शुरू की।
सूत्रों के अनुसार, बिसरख गांव की खसरा नंबर 773 में स्थित इस जमीन का मामला है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने वर्ष 2008 में इस खसरे की कुल 75,500 वर्ग मीटर जमीन में से 51,000 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण किया था। बाकी लगभग 24,000 वर्ग मीटर जमीन मूल निवासियों के पास ही रह गई थी। आरोप है कि वर्ष 2010 से 2023 तक अथॉरिटी द्वारा अधिग्रहित 51,000 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन न करने की लापरवाही का फायदा लोकेंद्र भाटी ने उठाया। उसने इस जमीन को बिल्डरों को बेच दिया, जिन्होंने उस पर फ्लैट और विला का निर्माण भी कर लिया है।
यह भी बताया जा रहा है कि अगर अथॉरिटी ने समय पर इस जमीन का आवंटन किया होता, तो प्राधिकरण को लगभग दो हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता था। आरोपी पर यह भी आरोप है कि उसने जमीन से ज्यादा की डीड (दस्तावेज) भी बनवा ली थीं।
इस मामले की शुरुआत लोकेंद्र की मां विद्यावती द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर करने से हुई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद जिलाधिकारी ने फरवरी 2024 में एक अमीन कमीशन गठित किया। कमीशन की जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया।
सोमवार को क्राइम ब्रांच ने लोकेंद्र भाटी को बिसरख गांव स्थित बादामी LLP से गिरफ्तार किया। एक शिकायतकर्ता अनिल भाटी की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस का मानना है कि इस जमीन घोटाले में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के बाद कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई नहीं हो सकी और अब मंगलवार को मामले की अगली सुनवाई होगी। तब तक आरोपी पुलिस हिरासत में रहेगा।
