गोरखपुर: नलकूप परिसर के आवास ध्वस्त, कार्यालय जीडीए टॉवर में होंगे स्थानांतरित
गोरखपुर शहर के रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित सिंचाई विभाग के नलकूप परिसर में एक अत्याधुनिक एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के मद्देनजर, कमिश्नर अनिल ढींगरा ने परिसर का निरीक्षण करने के बाद बुधवार को वहां मौजूद सभी आवासीय भवनों और कार्यालयों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह ध्वस्तीकरण का कार्य गुरुवार से शुरू हो जाएगा।
इस परिसर में कुल 69 आवास हैं, जिन्हें गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की लोहिया और वसुंधरा आवासीय योजनाओं में स्थानांतरित किया जा रहा है। अधिकांश कर्मचारियों ने नए आवासों में अपना स्थान परिवर्तन कर लिया है, और शेष को भी अगले एक-दो दिनों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इन आवासों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है: टाइप ए के 14 आवासों में से 11 वसुंधरा एन्क्लेव के फेज एक व दो में, जबकि तीन लोहिया एन्क्लेव के फेज एक में स्थानांतरित हो रहे हैं। इसी प्रकार, टाइप बी के नौ आवास लोहिया एन्क्लेव फेज एक में, टाइप सी के 21 आवास लोहिया एन्क्लेव फेज एक में, और टाइप डी के 25 आवासों में से 20 लोहिया एन्क्लेव फेज दो तथा शेष पांच को वसुंधरा एन्क्लेव के यूटिलिटी रूम में शिफ्ट किया जा रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिया है कि जो कर्मचारी शिफ्ट हो चुके हैं, उन्हें आवंटन पत्र जल्द से जल्द सौंप दिए जाएं ताकि वे बिजली कनेक्शन जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर सकें।
नलकूप परिसर में संचालित विभिन्न कार्यालयों को शहर के एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र, गोलघर स्थित जीडीए टावर में स्थानांतरित किया जाएगा। इन कार्यालयों के लिए जीडीए टावर के चतुर्थ, पंचम और षष्टम तल आवंटित किए गए हैं।
यह एकीकृत मंडलीय कार्यालय रेलवे स्टेशन के पास नलकूप विभाग की 13.53 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 269.63 करोड़ रुपये है। निर्माण की जिम्मेदारी गुरुग्राम की फर्म मेसर्स इंद्रजीत मेहता कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। फर्म को 30 नवंबर 2028 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। इस परियोजना से क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यों के सुगमीकरण और आधुनिकीकरण की उम्मीद है।
