गोरखपुर दोहरे हत्याकांड का खुलासा: ऑटो चालक समेत दो हिरासत में, प्रॉपर्टी का एंगल भी
गोरखपुर के घोषीपुरवा में मां-बेटी, शांति देवी और विमला जायसवाल की हथौड़ी से कूचकर की गई दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने एक ऑटो चालक समेत दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद से ही पुलिस मामले का पर्दाफाश करने में जुटी हुई है। सूत्रों के अनुसार, ऑटो चालक के मोबाइल फोन की सीडीआर (कॉल डिटेल रिपोर्ट) निकलवाने के बाद पुलिस को उस पर शक गहरा गया है। सीडीआर से पता चला है कि घटना के दिन ऑटो चालक एक प्रॉपर्टी डीलर के लगातार संपर्क में था, जिसने करीब पांच साल पहले मृतका शांति देवी से एक बड़ी प्रॉपर्टी का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया था।
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना के दिन जब खोजी कुत्ता टोनी को घटनास्थल पर लाया गया, तो उसने सूंघने के बाद सबसे पहले ऑटो चालक के घर की ओर संकेत दिया। इसके बाद वह उस जगह पहुंचा जहां चालक सब्जी का ठेला लगाता है। खोजी कुत्ते के इन संकेतों ने पुलिस के संदेह को और पुख्ता कर दिया है।
इसके अतिरिक्त, सीडीआर जांच में यह भी सामने आया है कि घटना की रात ऑटो चालक देर रात तक रेलवे स्टेशन के आसपास साथियों के साथ शराब पी रहा था, और उसके बाद उसका लोकेशन शांति देवी के घर के आसपास पाया गया। इन सभी कड़ियों को जोड़कर पुलिस ऑटो चालक को मुख्य संदिग्धों में से एक मान रही है।
पुलिस ने इस मामले में मृतका की बड़ी बेटी सुशीला और उसके पति नवीन चंद से भी पूछताछ की है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सुशीला असहज दिखी और बार-बार अपने बयानों में बदलाव करती रही, जिसके चलते पुलिस ने उसे भी जांच के दायरे में ले लिया है। पुलिस ने अब तक 45 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है और कई टीमों के साथ मिलकर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम की जांच में घर में जबरन घुसने के कोई निशान नहीं मिले हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि हत्यारे घर के परिचित या भरोसेमंद हो सकते हैं। पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, विमला कुछ महीनों से तनाव में थी और घर आने-जाने वालों को लेकर असहज महसूस करती थी। पुलिस प्रॉपर्टी विवाद के साथ-साथ अन्य संभावित पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
