गंगा एक्सप्रेसवे का 95% काम पूरा, जनवरी 2026 में हो सकता है उद्घाटन
मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है। निर्माण कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के शीघ्र उद्घाटन की तैयारी के तहत, निर्माण कंपनी एचजी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड ने सुरक्षा कारणों से एक्सप्रेसवे के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट को बंद कर दिया है, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सके और वाहनों का अनावश्यक आवागमन रोका जा सके।
सूत्रों के अनुसार, एक्सप्रेसवे का शत प्रतिशत काम पूरा होने के बाद जनवरी 2026 में इसके उद्घाटन की प्रबल संभावना है। यह विशालकाय परियोजना उत्तर प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रयागराज जैसे कई जिलों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे, राज्य के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है। इसके निर्माण से न केवल माल ढुलाई और यात्री परिवहन में क्रांति आएगी, बल्कि इन जिलों में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे पर तीन टोल प्लाजा का निर्माण कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है। अधिकारियों का कहना है कि फिनिशिंग कार्य को गति देने के लिए यह कदम आवश्यक था। इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, एक्सप्रेसवे पर हाल के दिनों में हुई कुछ दुर्घटनाओं ने इसकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि उद्घाटन से पहले सभी सुरक्षा मानकों को पूरा किया जाएगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को एक नए युग में ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
