गीतानंद महाराज की 21वीं पुण्यतिथि पर होगा भव्य स्मरण, देश-विदेश से जुड़ेंगे अनुयायी
वृंदावन। ब्रह्मलीन गीतानंद महाराज की 21वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 23 नवंबर को गीता आश्रम, वृंदावन में एक भव्य स्मरण सभा का आयोजन किया जाएगा। इस श्रद्धांजिल सभा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में उनके शिष्य और अनुयायी शामिल होंगे। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व संगठन महामंत्री श्री केएन गोविंदाचार्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश श्री एसएस कुलश्रेष्ठ और कई अन्य प्रतिष्ठित धर्माचार्य अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
मुमुक्षु मंडल और गीता आश्रम के महंत महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी अवशेषानंद महाराज ने बताया कि इस पुण्यतिथि पर न केवल भारत से, बल्कि अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा जैसे देशों से भी गीतानंद महाराज के अनुयायी और शिष्य इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वृंदावन पहुंचेंगे। यह आयोजन उनके बहुआयामी कार्यों और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
कार्यक्रम के तहत, प्रातः 10 बजे से 11:30 बजे तक एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी, जिसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन होगा। इस अवसर पर हजारों साधु-संतों और जरूरतमंदों के बीच गर्म वस्त्रों और कंबलों का वितरण भी किया जाएगा, जिससे समाज के वंचित वर्गों को शीतकाल में सहायता मिल सके। आश्रम परिसर में कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
स्वामी अवशेषानंद महाराज ने संत गीतानंद महाराज के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे समाजसेवा, गौसंरक्षण, संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने, चिकित्सा शिविरों के आयोजन तथा वृद्धाश्रम व हरिजन छात्रावासों की स्थापना जैसे अनेक महत्वपूर्ण और बहुआयामी कार्यों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और पुनर्वास कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। कारगिल युद्ध और कोविड-19 महामारी के संकट काल में भी उनके द्वारा 11-11 लाख रुपये का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा, जिसने उन्हें विशेष पहचान दिलाई। यह पुण्यतिथि उनके इन अमूल्य योगदानों को नमन करने का अवसर है।
