अगहन माह में दुर्गा अष्टमी: 28 नवंबर को करें विशेष पूजा, जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गा अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन जगत जननी मां दुर्गा को समर्पित है और इस अवसर पर भक्तजन विधि-विधान से देवी की पूजा-अर्चना करते हैं तथा व्रत रखते हैं। माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा से विशेष कार्यों में सफलता प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
इस वर्ष अगहन माह की मासिक दुर्गा अष्टमी 28 नवंबर को मनाई जाएगी। वैदिक पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि का प्रारंभ 28 नवंबर को भारतीय समयानुसार देर रात्रि 12 बजकर 29 मिनट पर होगा। वहीं, अष्टमी तिथि का समापन 29 नवंबर को देर रात्रि 12 बजकर 15 मिनट पर होगा। चूंकि देवी दुर्गा की पूजा निशा काल में भी की जाती है, इसलिए 28 नवंबर को ही अगहन माह की दुर्गा अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।
ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार अगहन माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर कई शुभ और मंगलकारी योगों का निर्माण हो रहा है। इनमें हर्षण योग प्रमुख है, जिसका संयोग दिन में 11 बजकर 06 मिनट से शुरू होगा। इसके अतिरिक्त, शतभिषा नक्षत्र और बव करण जैसे शुभ योग भी इस दिन विद्यमान रहेंगे। इन दुर्लभ योगों के संयोग में मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं और उनके रुके हुए कार्य भी सिद्ध हो सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दुर्गा अष्टमी का व्रत रखने और देवी की आराधना करने से साधक को न केवल सांसारिक सुख-समृद्धि प्राप्त होती है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी होती है। विशेषकर, जिन जातकों की कुंडली में कोई ग्रह बाधा हो या जो किसी विशेष कार्य में सफलता पाना चाहते हों, उनके लिए यह तिथि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन मां दुर्गा के बीज मंत्रों का जाप और दुर्गा चालीसा का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी होता है।
