गाजियाबाद में खुलेगा लखनऊ जैसा ‘नाइट मार्केट’, मिलेगा देश-विदेश के व्यंजनों का स्वाद
गाजियाबाद में अब रात के खाने का अनुभव लखनऊ की मशहूर ‘चटोरी गली’ जैसा होने वाला है। नगर निगम जिले का पहला नाइट मार्केट स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। कौशांबी में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत विकसित होने वाले इस मार्केट में देश के विभिन्न कोनों के लजीज व्यंजनों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पकवानों का भी लुत्फ उठाया जा सकेगा। इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य मध्यम वर्ग और शहर से गुजरने वाले यात्रियों को स्वादिष्ट और किफायती भोजन उपलब्ध कराना है।
सूत्रों के अनुसार, इस नाइट मार्केट के लिए जमीन का चयन कर लिया गया है और प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। खास तौर पर, यहां खाद्य पदार्थों की कीमतें काफी कम रखी जाएंगी, ताकि आम आदमी भी विभिन्न प्रकार के जायकों का आनंद ले सके। गाजियाबाद, जो अपनी 24 घंटे की हलचल के लिए जाना जाता है, खासकर इंदिरापुरम, कौशांबी, वैशाली जैसे इलाकों में रात के समय खाने-पीने की चीजों की मांग काफी अधिक रहती है। वर्तमान में, यह मांग अक्सर सड़क किनारे लगी अनधिकृत दुकानों से पूरी होती रही है।
इस नए नाइट मार्केट में फास्ट फूड, पारंपरिक भारतीय स्ट्रीट फूड जैसे चाट, समोसा, जलेबी, वड़ा पाव, कुल्फी, मोमोज, पास्ता, मंचूरियन, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थ भी उपलब्ध होंगे। मार्केट दिन में बंद रहेगा और शाम से लेकर देर रात तक खुला रहेगा, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दिल्ली और नोएडा से आने वाले लोगों को भी सुविधा होगी।
कौशांबी में स्थित जिले के सबसे बड़े बस स्टेशन के यात्रियों के लिए यह नाइट मार्केट एक बड़ी राहत साबित होगा। अभी यात्रियों को स्टेशन पर महंगे और गुणवत्ता में संदिग्ध खाने से जूझना पड़ता है। नए मार्केट में वे बजट में ही स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय निवासियों के लिए भी यह एक बड़ी सुविधा होगी। निगम प्रशासन ने सुरक्षा और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा किया है। यहां सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी और पुलिस की नियमित गश्त भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे महिलाएं भी रात में बेफिक्र होकर घूम सकेंगी।
खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर भी कड़े इंतजाम किए जाएंगे। प्रत्येक स्टॉल पर साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। निगम का दावा है कि खाने की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी दुकानदार मिलावट या नकली उत्पाद का इस्तेमाल करता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसका लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। नियमित अंतराल पर खाद्य नमूनों की जांच और परीक्षण भी किया जाएगा। इस योजना के सफल कार्यान्वयन से गाजियाबाद में एक नया पाक और सांस्कृतिक आकर्षण विकसित होने की उम्मीद है।
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