गाजियाबाद में 19 हजार से अधिक डुप्लीकेट मतदाता मिले, प्रशासन जांच में जुटा
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन अभियान (एसआईआर) के तहत गाजियाबाद जिले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अभियान के दौरान अब तक 19,307 ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज हैं। यह स्थिति चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है और प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
इस अभियान के तहत जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 53,624 ऐसे मतदाताओं का भी पता चला है जो अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनका नाम सूची में बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, 3,30,379 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जो अपने पूर्व पते पर अब नहीं रहते हैं और उन्हें खोजना मुश्किल हो रहा है। वहीं, 3,08,895 मतदाता ऐसे हैं जो स्थायी रूप से अपना निवास स्थान बदलकर दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं।
डुप्लीकेट मतदाताओं का मामला विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि यह चुनावी धांधली की संभावनाओं को बढ़ाता है। प्रशासन अब इन 19,307 मतदाताओं की पहचान और उनके द्वारा दर्ज कराए गए पतों की सत्यता की जांच करेगा। यह पता लगाया जाएगा कि क्या इन मतदाताओं ने जानबूझकर दोहराव किया है या यह कोई प्रणालीगत त्रुटि है।
इसके अलावा, 19,578 मतदाता ऐसे भी हैं जिन्होंने गणना प्रपत्र जमा नहीं किया है, जिन्हें अन्य श्रेणी में रखा गया है। प्रशासन इन सभी मामलों की बारीकी से पड़ताल कर रहा है ताकि मतदाता सूची को त्रुटिमुक्त और अद्यतन बनाया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक योग्य नागरिक को एक वोट देने का अधिकार मिले और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। इस जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
