यूपी के मिर्ज़ापुर में ‘जन्नत’ जैसे चार झरनों का होगा कायाकल्प! 32 करोड़ के बजट से बदल जाएगी तस्वीर?
उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में प्रकृति की गोद में बसे चार मनमोहक पर्यटन स्थल – लखनिया दरी, सिद्वनाथ की दरी, विंढमफाल और सिरसी फाल – अब एक नए कलेवर में नज़र आएंगे। शासन ने इनके सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार के लिए 32 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट जारी किया है, जिससे इन स्थलों का नजारा ‘जन्नत’ जैसा लगने लगेगा।
वन विभाग ने इन झरनों के कायाकल्प की कवायद शुरू कर दी है। आने वाले समय में यहां पिकनिक मनाने आने वाले सैलानियों को खाने-पीने से लेकर बैठने तक की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अहरौरा क्षेत्र की लखनिया दरी, चुनार की सिद्वनाथ की दरी और मीरजापुर-सोनभद्र मार्ग पर स्थित विंढमफाल व सिरसी फाल, ये सभी अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत से इन पर्यटन स्थलों पर सैलानियों के लिए आरामदायक कुर्सियां, बेंच, स्वादिष्ट भोजन के लिए कैंटीन और चारों ओर हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक पौधारोपण जैसे कार्य किए जाएंगे। इन प्रयासों से न केवल ये स्थल देखने में और अधिक सुंदर लगेंगे, बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे विभाग को राजस्व वसूली में भी मदद मिलेगी।
वर्तमान में भी वाराणसी, प्रयागराज, मध्य प्रदेश, भदोही, जौनपुर, बिहार और गाजीपुर सहित विभिन्न जनपदों से हजारों सैलानी प्रतिदिन इन झरनों की प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठाने आते हैं। सौंदर्यीकरण के बाद उन्हें यहां और भी बेहतर अनुभव मिलेगा। प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि इन चार स्थलों के विकास के बाद कुशियरा फाल और टांडा फाल के सौंदर्यीकरण की भी योजना है, जो मीरजापुर को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
