कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का अंतिम निरीक्षण शुरू, मार्च में उद्घाटन की तैयारी
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे अब अपनी अंतिम परीक्षा से गुजरने वाला है। यदि यह परीक्षा पास हो जाती है, तो इस महीने से इस मार्ग पर यात्रा सुगम हो जाएगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब एक्सप्रेसवे को कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) जारी करने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। संयुक्त कमेटी में कानपुर और लखनऊ के परियोजना निदेशक, क्षेत्रीय परियोजना निदेशक के साथ ही क्षेत्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक (डीजीएम) अंकित वर्मा को शामिल किया गया है। यह टीम 16 दिसंबर को एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करेगी और निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा अधूरी सुविधाओं की स्थिति देखने के बाद प्रमाण पत्र जारी करने की कार्रवाई शुरू करेगी।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुभारंभ को लेकर अंतिम चरण की कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने शुरू कर दी है। मंगलवार को चार सदस्यीय टीम एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करेगी, लेकिन अभी तक एक्सप्रेसवे से जुड़े अप्रोच रोड से जुड़ी समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका है। जाजमऊ पुल से एक्सप्रेसवे तक हाईवे की अव्यवस्थाओं का ठीकरा लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने कानपुर परियोजना निदेशक के सिर पर फोड़ दिया है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष भी देखा जा रहा है, क्योंकि यह हिस्सा एक्सप्रेसवे से जुड़ने का सबसे अहम लिंक माना जा रहा है, लेकिन अव्यवस्थाओं को लेकर कोई भी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकार नहीं कर रहा है।
एक्सप्रेसवे के कार्यपूति प्रमाण पत्र के लिए गठित की गई समिति अप्रोच रोड को दुरुस्त करने के लिए भी निर्णय लेगी। लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा ने बताया कि जांच के बाद कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक्सप्रेसवे के शुभारंभ की संभावित नई तिथि मार्च माह तय की जा रही है। हालांकि इससे पहले भी कई बार उद्घाटन की तारीख बढ़ाई जा चुकी है, लेकिन इस बार होली से एक्सप्रेसवे की सौगात देने की तैयारी में एनएचएआइ के अफसर जुट गए हैं। जाजमऊ से एक्सप्रेसवे तक अप्रोच रोड को दुरुस्त करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए लखनऊ और कानपुर के परियोजना निदेशक बैठक करके जल्द निर्णय लेंगे।
