फर्जी डिग्री रैकेट: SIT टीमें तैयार, होली बाद MP, UK, झारखंड की यूनिवर्सिटीज में होगी जांच
फर्जी डिग्रियों के बड़े रैकेट के खुलासे के बाद अब विशेष जांच दल (एसआईटी) की नजरें मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड सहित सात अन्य राज्यों की नौ यूनिवर्सिटीज पर हैं। अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी की टीमें पूरी तरह तैयार हैं और होली के त्योहार के बाद इन यूनिवर्सिटीज में जांच के लिए रवाना होंगी। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन का मास्टरमाइंड शैलेंद्र कुमार ओझा भी शामिल है। पुलिस को इनके पास से 14 यूनिवर्सिटीज की 900 से अधिक फर्जी डिग्रियां, अंकपत्र और माइग्रेशन सर्टिफिकेट मिले थे।
जांच के दायरे में आईं यूनिवर्सिटीज में से कुछ ने तो डिग्रियां जारी करने से साफ इनकार कर दिया है, जबकि कुछ से छात्रों के विस्तृत दस्तावेज मांगे गए हैं। कानपुर पुलिस आयुक्त द्वारा गठित एसआईटी पहले भी कई यूनिवर्सिटीज की जांच कर चुकी है, जिनमें से कुछ ने बरामद डिग्रियों को अपना होने से इनकार कर दिया था। इस रैकेट के तार कई राज्यों में फैले हुए हैं, और पुलिस फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इस पूरे मामले का खुलासा आम जनता के लिए शिक्षा की गुणवत्ता और प्रमाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिससे भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
कानपुर में दुकान से 25 लाख नकद चोरी, चोरों ने खाए अखरोट-पिस्ता
कानपुर: धर्म परिवर्तन की धमकी देकर संगीत शिक्षिका से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार
कानपुर: धर्म बदलकर शादी का दबाव, संगीत शिक्षिका से दुष्कर्म का मामला, एक गिरफ्तार
ईसाई धर्म अपनाने का दबाव, शादी का झांसा देकर शिक्षिका से दुष्कर्म का मामला
अवैध खनन में लेखपाल की भूमिका संदिग्ध, Kanpur में जांच शुरू
रामादेवी चौराहे पर कंटेनर ने युवक को रौंदा, चकेरी में road accident की दर्दनाक घटना
कानपुर में शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी: नटवरलाल सुशील के खिलाफ करोड़ों की ठगी की दो नई शिकायतें
