बहराइच में मक्के से एथेनॉल उत्पादन बढ़ा, किसानों की आय में वृद्धि | Bahraich news
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में मक्का किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। जिले में मक्के की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि किसान अपनी उपज को स्थानीय मिलों में एथेनॉल उत्पादन के लिए बेच रहे हैं। यह पहल किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने और उन्हें बिचौलियों से मुक्ति दिलाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
पहले मक्का का उपयोग मुख्य रूप से आटा, चावल या भुट्टे के रूप में होता था, लेकिन अब बदलते समय के साथ इससे एथेनॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। इस बदलाव ने किसानों को बड़ी मात्रा में मक्का बोने के लिए प्रोत्साहित किया है। मक्के से उत्पादित एथेनॉल का उपयोग ईंधन, शराब, बीयर, दवाइयों और सैनिटाइजर के निर्माण में किया जा रहा है, जिससे इसकी मांग बनी हुई है।
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, रबी सीजन में जिले में लगभग 25 हजार हेक्टेयर में मक्के की बुवाई की गई थी, जिससे प्रति हेक्टेयर 50 से 70 क्विंटल तक की पैदावार हुई। सरकार के निर्देश पर पांच क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों से मक्का खरीदा गया, जिसे परसेंडी स्थित पारले चीनी मिल को बेचा गया। यह मिल खरीदे गए मक्के से एथेनॉल का उत्पादन कर रही है।
किसान बताते हैं कि मक्का कम समय और कम लागत में तैयार हो जाता है, और सरकारी खरीद से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। जिले में किसान साल में तीन बार – रबी, खरीफ और जायद सीजन में मक्के की बुवाई करते हैं, जिससे उन्हें लगातार आय का अवसर मिलता है। यह कृषि-आधारित उद्योग स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है और किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है।
