मथुरा में श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का भावुक मंचन, `Krishna Leela` ने दिया प्रेम का संदेश
नवीन गल्ला मंडी परिसर में चल रहे श्री कृष्ण लीला रासोत्सव के दसवें दिन श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता प्रसंग का भावुक मंचन किया गया। इस धार्मिक आयोजन ने सच्ची मित्रता, विनम्रता और निष्कपट प्रेम का गहरा संदेश दिया, जिससे उपस्थित दर्शक भावविभोर हो गए। यह प्रसंग समाज में मानवीय संबंधों के महत्व को रेखांकित करता है और लोगों को निस्वार्थ प्रेम की प्रेरणा देता है।
श्री श्यामा श्याम भागवत आयोजन समिति द्वारा संचालित इस `Krishna Leela` रासोत्सव में गुरुकुल काल की श्रीकृष्ण और सुदामा की अटूट मित्रता का चित्रण किया गया। मंचन में निर्धन ब्राह्मण सुदामा की दयनीय स्थिति को दर्शाया गया, जो अपनी पत्नी के आग्रह पर मुट्ठी भर चावल लेकर अपने मित्र भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे थे। संकोचवश वे अपने मित्र को चावल देने में झिझकते रहे, लेकिन श्रीकृष्ण ने उन्हें गले लगाकर अपनी मित्रता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
स्वामी लक्ष्मण महाराज और स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर ने इस प्रसंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह लीला जीवन में मित्रता और विनम्रता के गहरे मूल्यों को स्थापित करती है। उन्होंने बताया कि कैसे भगवान ने अपने मित्र की दरिद्रता दूर कर उन्हें असीम सुख प्रदान किया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष हरी चंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान के तहत शुक्रवार को नरसी भात लीला का मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र गोयल सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अलौकिक मंचन का आनंद लिया।
