असत्य भाषण के दोष से बचाती है एकादश रुद्रावतार कथा, जानें शिव अवतारों का महत्व
मनुष्य कई बार अनजाने में, मज़ाक में या आदतवश झूठ बोल जाता है। इस झूठ के पाप से बचने के लिए एकादश रुद्रावतार कथा का श्रवण करना चाहिए। प्रवचनकर्ता डॉ. दीपिका उपाध्याय ने श्रीगोपालजी धाम दयालबाग में चल रही श्रीशिव महापुराण कथा के नौवें दिन यह उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि भगवान शिव की कथाएं भक्तों के अभिमान, क्रोध जैसे दोषों को दूर करने के साथ-साथ ग्रह जनित बाधाओं से भी मुक्ति दिलाती हैं।
कथावाचक ने भगवान शिव के विभिन्न अवतारों का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार देवताओं के कल्याण हेतु कश्यप ऋषि ने अपनी पत्नी सुरभि से एकादश रुद्रों का अवतरण कराया, जिन्होंने देवताओं के पक्ष में युद्ध किया। उन्होंने महाकाल सहित भगवान शिव के दस अवतारों और उनकी शक्तियों के बारे में विस्तार से बताया।
डॉ. दीपिका उपाध्याय ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान के विविध अवतारों की कथाओं का श्रवण और कीर्तन तीर्थ यात्रा के समान पुण्य फल प्रदान करता है। भगवान शिव का निरंतर भजन-कीर्तन हमें लोक कल्याण की शिक्षा देता है, क्योंकि शिव सदैव सबका कल्याण करते हैं। इस प्रकार की कथाओं का श्रवण समाज में सकारात्मकता और धार्मिकता का प्रसार करता है।
