चाईबासा में खुलेगा हाथी रेस्क्यू सेंटर, कोल्हान को मिलेगी सुरक्षा: Elephant Rescue Center
पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथियों के बढ़ते आतंक ने स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है। पिछले एक सप्ताह में नौ लोगों की मौत के बाद, वन विभाग ने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब चाईबासा में एक विशेष हाथी रेस्क्यू सेंटर खोला जाएगा, जिससे घायल और आक्रामक हाथियों का स्थानीय स्तर पर इलाज और बचाव संभव हो सकेगा।
वन विभाग के प्रमुख (पीसीसीएफ हाफ) संजीव कुमार के निर्देश पर यह योजना बनाई गई है। आरसीसीएफ स्मिता पंकज ने बताया कि इस रेस्क्यू सेंटर के लिए जल्द ही फंड जारी किया जाएगा। यह केंद्र न केवल घायल हाथियों के इलाज में मदद करेगा, बल्कि आक्रामक हाथियों को भी सुरक्षित रूप से पकड़ने में सक्षम होगा, जिससे इंसानी बस्तियों पर खतरा कम होगा।
इस बीच, विभाग ने गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिष्ठित ‘वंतारा’ प्रोजेक्ट से भी मदद मांगी है। वंतारा की विशेषज्ञ टीमें अत्याधुनिक संसाधनों के साथ क्षेत्र में पहुंच चुकी हैं। इनका उद्देश्य हाथियों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करना और उन्हें ओडिशा जैसे सुरक्षित स्थानों पर भेजना है, ताकि वे रिहायशी इलाकों के लिए खतरा न बनें। ‘वंतारा’ दुनिया का सबसे बड़ा पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र है, जो घायल जानवरों को नया जीवन देने के लिए जाना जाता है।
पीसीसीएफ संजीव कुमार ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर पीड़ितों से मिलने और तत्काल समाधान निकालने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी वातानुकूलित कार्यालयों से निकलकर आम जनता के साथ संवाद स्थापित करें और समस्या का समाधान ढूंढें। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में हाथियों के हमलों से होने वाली मौतों को रोकना और लोगों को स्थायी सुरक्षा प्रदान करना है।
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