ऋषिकेश में बुजुर्ग दंपती से 69 लाख की ठगी, 60 दिन ‘Digital Arrest’ में रखा
उत्तराखंड के ऋषिकेश में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग दंपती को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 69 लाख रुपये का चूना लगाया गया है। ठगों ने 60 दिनों तक दंपती को मानसिक दबाव में रखा और उन्हें अपनी संपत्ति तक बेचने पर मजबूर कर दिया। यह घटना साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।
ऋषिकेश निवासी 81 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी भगवत नारायण झा और उनकी पत्नी कमल झा को 17 नवंबर 2025 को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और साइबर क्राइम सेल का अधिकारी बताया। उन्होंने दंपती को बताया कि उनके आधार नंबर का इस्तेमाल 10 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन में किया गया है।
ठगों ने दंपती को गिरफ्तारी, संपत्ति कुर्की और जेल भेजने की धमकी दी। इस डर का फायदा उठाकर, ठगों ने उन्हें 60 दिनों तक वाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के माध्यम से निगरानी में रखा। दंपती को किसी से बात न करने, अपनी लाइव लोकेशन साझा करने और सोने-जागने के समय की जानकारी देने के लिए मजबूर किया गया। मानसिक दबाव के चलते दंपती ने ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में कई बार रकम ट्रांसफर की।
इस पूरी साजिश में दंपती को 69 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पीड़ित दंपती ने बताया कि इस घटना ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ दिया है। साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
