घने कोहरे का असर: शताब्दी समेत दर्जनों ट्रेनें घंटों लेट, यात्री बेहाल
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने पूरे उत्तर भारत में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिसका सीधा असर रेल यातायात पर भी देखने को मिल रहा है। दृश्यता कम होने के कारण ट्रेनों की रफ्तार थम सी गई है, जिसके चलते शताब्दी एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस और लखनऊ मेल जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चल रही हैं। इस देरी के कारण हजारों यात्री कड़ाके की ठंड में स्टेशनों पर फंसे हुए हैं, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी है, प्रतीक्षालयों में पैर रखने की भी जगह नहीं बची है। कई यात्रियों को खुले प्लेटफॉर्म पर ही रात गुजारनी पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी हो रही है, जिन्हें घंटों तक ठंडी हवाओं के बीच ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। यह स्थिति आम यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
इस कोहरे के कारण कई प्रमुख ट्रेनें अपने समय से काफी पीछे चल रही हैं। उदाहरण के लिए, गोरखधाम एक्सप्रेस 8 घंटे से अधिक, गोमती एक्सप्रेस 5 घंटे से अधिक, और शताब्दी एक्सप्रेस 1 घंटे से अधिक लेट है। अन्य कई ट्रेनें भी 2 से 4 घंटे की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
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