सीतापुर में नशे का ‘खेल’: प्रतिबंधित कफ सीरप बेच रहा था मेडिकल स्टोर संचालक, 6300 शीशियां गायब
कोडीनयुक्त कफ सीरप के तार अब सीतापुर से भी जुड़ गए हैं। यहां एक मेडिकल स्टोर संचालक पर नशे के लिए सीरप बेचने का मुकदमा लिखा गया है। औषधि निरीक्षक की ओर से दिए गए तथ्यों के आधार पर पुलिस जांच की दिशा तय करने में लगी है।
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की सचिव डा. रोशन जैकब के निर्देश पर 10 नवंबर को लखनऊ के थोक दवा विक्रेता इदिका लाइफ सइंसेस की जांच हुई थी। इसमें कई जिलों को कोडीनयुक्त सीरप की आपूर्ति की पुष्टि हुई थी। नगर के बालाजी फार्मा जेल रोड को भी 6300 सीरप की शीशी भेजे जाने का इनपुट मिला था। इसकी जानकारी जिले की औषधि निरीक्षक अनीता कुरील को दी गई। इस पर अनीता ने 10 नवंबर को बालाजी फार्मा पर छापा मारा था। फार्मा पर एक भी सीरप की शीशी नहीं मिली। संचालक राजेश श्रीवास्तव ने पूरे स्टाक की बिक्री के कागज दिखा दिए।
कागजों का सत्यापन किया गया तो बालाजी फार्मा की ओर से जिन फर्म को सिरप बेचने की बात कही गई थी उसका मौके पर वजूद ही नहीं निकला। इसके अलावा सकरन के ओशो मेडिकल स्टोर, बड़ागांव का प्रजापति मेडिकल स्टोर व सदरपुर के गुफरान गुफरान मेडिकल स्टोर आदि के संचालकों ने लिखित बयान देकर सीरप न मंगाने की बात कही है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि कोडीनयुक्त सीरप सिर्फ डिग्रीधारक चिकित्सक की ओर से पर्चा पर लिखने पर ही बेची जा सकती है। बालाजी फर्म के संचालक ने फर्जी बिल काटकर सीरप को नशे के लिए बेचा है।
बालाजी फार्मा की ओर से सीरप बिक्री को लेकर दिए गए साक्ष्य फर्जी हैं। ऐसे में पुलिस के सामने सीरप कहां बिका यह बड़ा सवाल है। इसका जवाब तलाशना बड़ी चुनौती है। नगर कोतवाल अनूप शुक्ल ने बताया कि फर्म संचालक राजेश श्रीवस्तव की तलाश की जा रही है। उससे पूछताछ के बाद ही जांच की दिशा तय हो पाएगी।
