गन्ना किसानों को दोहरा झटका: दाम बढ़ा, लेकिन ढुलान शुल्क ने बिगाड़ा सारा गणित
उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में गन्ने के मूल्य पर शासनादेश जारी किया है, जिसके तहत चीनी मिलों को नए नियमों के अनुसार भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने उप्र की तर्ज पर गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है, जिससे उत्तराखंड में गन्ने का दाम 405 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है। यह घोषणा किसानों के लिए राहत भरी थी, लेकिन इसके साथ ही सरकार ने गन्ना ढुलान के किराये में भी बढ़ोतरी कर दी है।
पहले क्रय केंद्र पर गन्ना लेकर आने वाले किसान से 9.50 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती की जा रही थी। अब सरकार ने इस किराये में डेढ़ रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर दी है। नए शासनादेश के अनुसार, अब किसान को 11 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किराया देना होगा।
इसका सीधा असर किसानों की जेब पर पड़ेगा। जो किसान तोल केंद्र पर गन्ना लेकर आ रहा है, उसे 405 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय 394 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ही भुगतान मिलेगा। यानी दाम बढ़ने के बावजूद ढुलान शुल्क में वृद्धि के कारण किसानों को मिलने वाला शुद्ध मूल्य कम हो जाएगा।
गन्ना आयुक्त ने सभी चीनी मिलों को निर्देश दिए हैं कि वे शासनादेश के अनुसार गन्ना पर्चियों पर गन्ने का दाम अंकित करें और किसानों को इसी आधार पर भुगतान करें। चीनी मिलों ने भी अंतर गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
