श्रीलंका में ‘दितवाह’ का तांडव: बाढ़-भूस्खलन से 56 की मौत, 21 लापता! भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, INS विक्रांत करेगा सहायता
श्रीलंका इस समय विनाशकारी चक्रवात ‘दितवाह’ के कहर से जूझ रहा है, जहाँ भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब तक इस प्राकृतिक आपदा में 56 लोगों की जान जा चुकी है और 21 लोग लापता बताए जा रहे हैं। देश में कई जगह भूस्खलन से भी भारी तबाही हुई है।
इस मुश्किल घड़ी में भारत ने श्रीलंका को मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और राहत आपूर्ति की घोषणा की। कोलंबो के तट पर मौजूद भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को राहत और बचाव कार्यों में तैनात किया जाएगा।
आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, पिछले 72 घंटों में 56 मौतें दर्ज की गई हैं। खराब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए, सरकार ने शुक्रवार को आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि 12,313 परिवारों के कुल 43,991 लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। देशभर में भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात ‘दितवाह’ देश के पूर्वी जिले त्रिंकोमाली के निकट पहुंच चुका है, जिसके चलते देशभर में भारी बारिश और तेज हवाएं चलती रहेंगी। कई प्रांतों में 200 मिमी से अधिक वर्षा होने का अनुमान है।
इन परिस्थितियों के कारण श्रीलंका एयरलाइंस ने देश में आने वाली कई उड़ानों को भारत के कोच्चि और तिरुअनंतपुरम की ओर मोड़ दिया है। श्रीलंकाई नौसेना ने पुष्टि की है कि आईएनएस विक्रांत, जो ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू’ की तैयारियों के तहत 25-26 नवंबर को कोलंबो के तट पर था, उसे अब राहत और बचाव अभियान में औपचारिक रूप से शामिल होने का आग्रह किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में आईएनएस विक्रांत की तैनाती होगी।
