पंजाब में राजस्व प्रशासन का डिजिटल कायाकल्प: 99% गांवों का रिकॉर्ड डिजिटाइज, जनता को बड़ी राहत
पंजाब सरकार ने राजस्व प्रशासन में दशकों पुरानी जटिलताओं और भ्रष्टाचार को तोड़ते हुए डिजिटल गवर्नेंस का नया मानक स्थापित किया है। ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी जैसी पहलों ने संपत्ति पंजीकरण और भूमि रिकॉर्ड प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित बना दिया है। इस डिजिटल परिवर्तन से आम आदमी को सीधा लाभ मिल रहा है, क्योंकि अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ती।
ईजी रजिस्ट्री प्रणाली, जो मई 2025 में शुरू हुई और अब पूरे राज्य में लागू है, नागरिकों को घर बैठे ऑनलाइन शुल्क भुगतान, दस्तावेज़ अपलोड और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा देती है। मात्र 48 घंटे में रजिस्ट्री अनुमोदन की सुविधा ने लोगों को दलालों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। 1076 हेल्पलाइन के जरिए दस्तावेज़ संग्रह सेवा ने बुजुर्गों और एनआरआई नागरिकों के लिए प्रक्रिया को और भी आसान बना दिया है।
जून 2025 में लॉन्च की गई ईजी जमाबंदी किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित हुई है। easyjamabandi.punjab.gov.in पोर्टल और व्हाट्सएप सेवा के माध्यम से अब डिजिटल हस्ताक्षरित, QR कोड युक्त जमाबंदी मिनटों में उपलब्ध हो जाती है। महीनों तक लटकने वाली इंतकाल प्रक्रिया अब केवल 30 दिनों में पूरी हो रही है, जिससे भूमि संबंधी कार्यों में तेजी आई है।
राज्य के 99 प्रतिशत गांवों का रिकॉर्ड डिजिटाइज हो चुका है। सरकार के अनुसार, इन सुधारों से हर साल करीब 100 करोड़ रुपये की बचत सीधे जनता को हो रही है, जो पारदर्शिता और दक्षता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि अब सरकार जनता के दरवाज़े तक सेवाएं पहुंचा रही है, जिससे पंजाब देश का अग्रणी ई-गवर्नेंस मॉडल बनने की राह पर है।
