धोखाधड़ी से जमीन की वसीयत: उप निबंधक समेत छह पर एफआईआर दर्ज
पटियाली तहसील में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक ग्रामीण की मृत्यु प्रमाण पत्र में हेरफेर कर उसकी जमीन की वसीयत दूसरे लोगों के नाम करा ली गई। इस गंभीर मामले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पटियाली के उप निबंधक, ग्राम पंचायत अधिकारी समेत कुल छह व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पटियाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, बुधूपुर गढिया गांव के रामनरेश सिंह पुत्र गजराज सिंह ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता गजराज सिंह और उनके चाचा अतिवीर सिंह दो भाई थे। अतिवीर सिंह का विवाह नहीं हुआ था। रामनरेश सिंह और उनके दो भाई दिनेश व विश्वनाथ ने अपने पिता के हिस्से की जमीन का बंटवारा कर लिया था।
इसी बीच, 17 मार्च 2022 को अतिवीर सिंह की स्वाभाविक मृत्यु हो गई। आरोप है कि अतिवीर सिंह के हिस्से की जमीन को अपने नाम कराने के इरादे से उनके भाई विश्वनाथ सिंह ने ग्राम पंचायत अधिकारी अरविंद कुमार के साथ मिलकर एक बड़ी साजिश रची। उन्होंने अतिवीर सिंह की मृत्यु की तारीख 17 मार्च के बजाय 11 अप्रैल दर्शा दी।
इस फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर, 8 अप्रैल को तहसील से गवाह रफीक अली (निवासी मोर्चा नहर राजा का रामपुर, एटा) और स्वयं विश्वनाथ सिंह ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। इसके बाद, सुजान सिंह (निवासी मोर्चा नहर राजा का रामपुर, एटा) और माया देवी की उपस्थिति में वसीयत तैयार की गई। आरोप है कि अतिवीर सिंह के स्थान पर सुजान सिंह को प्रस्तुत किया गया और उप निबंधक कार्यालय में उप निबंधक अनिल कुमार पांडेय के समक्ष वसीयतनामा तैयार करवाकर उसे चस्पा करा दिया गया।
जब रामनरेश सिंह को इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी हुई, तो उन्होंने तत्काल उपलब्ध दस्तावेजों के साथ पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, एसपी ने तत्काल पटियाली थाना पुलिस को उप निबंधक, ग्राम पंचायत अधिकारी और अन्य संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
