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धोखाधड़ी से जमीन बेचने के आरोप में 13 पर मुकदमा, पुलिस जांच में जुटी

By Dec 5, 2025

सुलतानपुर में एक बड़े जमीन धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने राजस्व परिषद के एक महत्वपूर्ण निर्णय को छिपाते हुए और गलत चौहद्दी का इस्तेमाल कर एक व्यक्ति की जमीन को धोखाधड़ी से बेच दिया। कोतवाली नगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और गहन जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कुड़वार थाने के सरैया पूरे बिसेन गांव के निवासी असगर अली, जिन्होंने अपनी संपत्ति की देखरेख के लिए अब्दुल वहीद को मुख्तार आम (अटार्नी) नियुक्त कर रखा था, की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई। अब्दुल वहीद ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया कि असगर अली की जमीन को आरोपियों ने फर्जी तरीके से मिलीभगत कर बेच दिया है।

शिकायत के अनुसार, जमीन को लेकर मुकदमेबाजी चल रही थी और इस बात की जानकारी कई लोगों को थी। इसके बावजूद, आरोपियों ने इस जानकारी को नजरअंदाज करते हुए असगर अली के नाम दर्ज जमीन को गलत चौहद्दी दिखाकर बैनामा करा लिया। इस धोखाधड़ी में कथित तौर पर मो. रकीब, हजरत अली, मो. रफीक, मो. हसीब, असगर अली, बृजेश कुमार शुक्ल, रियाज अहमद, वसीम अहमद, प्रतीक तिवारी, एकलाख अहमद, मो. सैफ, मो. साहिल और सादिक हुसैन शामिल हैं।

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अब्बास अहमद खान ने बताया कि हाल ही में राजस्व परिषद ने जिलाधिकारी द्वारा दो साल पूर्व दिए गए नक्शा विभाजन के आदेश को निरस्त कर दिया था। इस निरस्तीकरण के बाद, असगर अली की घटी हुई जमीन फिर से उनके मूल गाटे में समाहित हो गई थी, जिससे स्पष्ट है कि जमीन का वर्तमान स्वामित्व पीड़ित पक्ष के पास था।

नगर कोतवाल धीरज कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विवेचना दारोगा प्रदीप कुमार यादव को सौंपी गई है। पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ करेगी और साक्ष्य जुटाएगी ताकि इस धोखाधड़ी के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके। पुलिस का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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