आधार सेवा केंद्र बंद, आगरा में डाकघरों पर उमड़ी भीड़, लोग परेशान
आगरा में आधार सेवा केंद्र के पांच दिसंबर तक बंद हो जाने के कारण स्थानीय नागरिक खासी परेशानी का सामना कर रहे हैं। अब जिले के लोग आधार कार्ड बनवाने या उसमें संशोधन कराने के लिए पूरी तरह से डाकघरों पर निर्भर हो गए हैं। हालांकि, डाकघरों में आधार बनाने की क्षमता सीमित होने के कारण वहां भारी भीड़ देखी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधान डाकघर प्रतापपुरा को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश उप डाकघरों में प्रतिदिन केवल 30 से 40 आधार कार्ड ही बनाए जा पा रहे हैं। ऐसे में, होमगार्ड भर्ती और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आधार कार्ड की तत्काल आवश्यकता वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति फिलहाल पांच दिसंबर तक बनी रहने की उम्मीद है।
आगरा जिले में दो प्रधान डाकघर, 72 उप डाकघर और 263 शाखा डाकघर हैं। यदि शाखा डाकघरों को छोड़ भी दें, तो 72 उप डाकघरों में आधार कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन, इन सभी उप डाकघरों में आधार कार्ड बनाने के लिए पर्याप्त मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। वर्तमान में केवल 43 मशीनें ही कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 40 डाकघरों में ही आधार संबंधी कार्य किए जा रहे हैं।
प्रधान डाकघरों को छोड़कर, अन्य उप डाकघरों में आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया धीमी है। इसके लिए पहले टोकन लेना पड़ता है, और फिर दोपहर दो बजे के बाद ही आधार संशोधन और नए कार्ड बनाने का कार्य किया जाता है। इस सीमित क्षमता और बढ़ती मांग के कारण, विशेष रूप से होमगार्ड भर्ती जैसी तात्कालिक जरूरतों के चलते, डाकघरों में भीड़ उमड़ रही है।
इस संबंध में, डाक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 43 मशीनें काम कर रही हैं और लोगों की जरूरत के हिसाब से क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा ताकि नागरिकों को परेशानी न हो।
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