झाँसी में कृष्ण जन्म होते ही थिरक उठे भक्त, Bhagwat Katha में उमड़ी आस्था
झाँसी के गुरसरांय क्षेत्र में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। विक्रमपुरासानी गांव में आयोजित इस कथा के दौरान जैसे ही कथावाचक ने भगवान कृष्ण के जन्म की घोषणा की, वहां मौजूद सभी भक्त खुशी से झूम उठे। ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से जयकारों पूरा वातावरण गूंज उठा। भक्तों ने नाच-गाकर कृष्ण जन्म का उत्सव मनाया।
कथा व्यास स्वामी रामकृष्ण बाल व्यास महाराज ने इस दौरान भक्त प्रह्लाद की कथा भी सुनाई। उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए बताया कि जब-जब धरती पर पाप और अनाचार बढ़ा है, तब-तब भगवान ने किसी न किसी रूप में अवतार लिया है। भगवान के अवतार लेते ही सभी बंधन स्वतः खुल जाते हैं।
कथा व्यास ने नंद और यशोदा के पूर्व जन्म का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि पूर्व जन्म में वे द्रोण और धरा नाम के वसु थे। उन्होंने तपस्या करके भगवान के बाल स्वरूप की लीलाओं का सुख प्राप्त करने का वरदान मांगा था। यही कारण है कि निर्गुण ब्रह्म ने सगुण साकार रूप में ब्रज में अवतार लिया।
कथा के समापन पर आरती का आयोजन किया गया, जिसमें कथा परीक्षित माया देवी अर्जरिया, सुरेश कुमार अर्जरिया, रामसेवक अरजरिया, जानकी अरजरिया, मुकेश अरजरिया, पंकज अरजरिया शामिल हुए। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गुरसरांय टीकाराम पटेल, प्रमोद त्रिपाठी, भाजपा नेता प्रकाश नारायण अरजरिया, लक्ष्मीचंद शर्मा, सूर्यकांत मिश्र सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
