कानपुर में ट्रेड यूनियनों का प्रदर्शन, सरकार की नीतियों पर सवाल
कानपुर में गुरुवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने दादानगर चौराहे पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया। इस दौरान वामपंथी नेता और पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि सरकार ने अमेरिका से व्यापारिक समझौता कर देश की संप्रभुता को खतरे में डाला है। उन्होंने कहा कि यह देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अपनी बात रखी।
ट्रेड यूनियन नेता असित कुमार सिंह ने कहा कि जीवन-जीविका की रक्षा के लिए यह अंतिम लड़ाई है। संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों को ‘करो या मरो’ की नीति पर लामबंद किया जा रहा है। ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि चार नए लेबर कोड मजदूरों के अधिकार छीन रहे हैं, जिससे यूनियन बनाने और सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार कमजोर हुआ है। हड़ताल करने की प्रक्रिया को भी कठिन बना दिया गया है। इस प्रदर्शन में विभिन्न ट्रेड यूनियनों, पेंशनर्स और फार्मा कर्मियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस विरोध प्रदर्शन का सीधा असर शहर के औद्योगिक और श्रमिक क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है, जहाँ मजदूरों की मांगों को लेकर आवाज उठाई गई है।
