ग्वालियर खंडपीठ में डॉ. आंबेडकर प्रतिमा लगाने की मांग, राज्यसभा में उठा सवाल (Ambedkar statue news)
राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए, समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है। यह मामला करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है और इसकी स्थापना को लेकर चल रहे विवाद ने राष्ट्रीय संसद का ध्यान खींचा है।
सांसद सुमन ने सदन को बताया कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने 11 मार्च 2025 को इस अति संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रतिमा स्थापना की अनुमति प्रदान कर दी थी। योजना के अनुसार, 17 मई 2025 को मध्य प्रदेश के राज्यपाल और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संयुक्त रूप से इस प्रतिमा का अनावरण करने वाले थे, जिससे यह एक महत्वपूर्ण संवैधानिक आयोजन बन जाता।
हालांकि, 14 मई को जब प्रतिमा को खंडपीठ परिसर में ले जाया जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने इसका विरोध कर दिया। इस अप्रत्याशित विरोध के कारण 17 मई को होने वाला अनावरण कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा, जिससे इस मुद्दे पर और अधिक अनिश्चितता पैदा हो गई।
रामजीलाल सुमन ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश सरकार का रवैया लचीला रहा है और वह डॉ. आंबेडकर के विचारों का विरोध करने वालों के प्रति उदारता दिखा रही है। यह स्थिति राज्य में सामाजिक सद्भाव और न्याय के प्रतीक के रूप में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस घटनाक्रम ने राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाए और प्रतिमा की स्थापना सुनिश्चित करे, जो कई समुदायों के लिए सम्मान का प्रतीक है।
