UP traders की मांग: VAT और GST के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ योजना लाए सरकार
उत्तर प्रदेश के व्यापारियों ने सरकार से वैट (VAT) के पुराने लंबित मामलों और जीएसटी (GST) की तकनीकी त्रुटियों को दूर करने के लिए ‘एकमुश्त समाधान योजना’ (One Time Settlement) लाने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि इस योजना में ब्याज और पेनाल्टी को पूरी तरह माफ किया जाना चाहिए। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार को दंडात्मक दृष्टिकोण छोड़कर विश्वास और सहयोग पर आधारित नीति अपनानी चाहिए।
व्यापारियों ने एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें बिना गारंटी ऋण की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करना और एमएसएमई को ब्याज में 2-3 प्रतिशत की सब्सिडी देना शामिल है। इसके अलावा, व्यापारियों के लिए 5000 रुपये मासिक पेंशन, 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ ने व्यापारियों की उधारी को बैंक की उधारी के समान संरक्षण देने की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष श्याममूर्ती गुप्ता ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उधारकर्ता की इनवाइस का जीएसटी इनपुट वापस लेने के साथ ही विभाग द्वारा उसके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) यानी क्रेडिट योग्यता में भी इसे शामिल किया जाए।
व्यापारियों का मानना है कि इन बदलावों से जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने और बिल से ही सप्लाई करने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा, जिससे व्यापारिक लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
