दिल्ली हाई कोर्ट में एयर प्यूरीफायर पर GST reduction की मांग, केंद्र सरकार ने याचिका पर उठाए सवाल
दिल्ली हाई कोर्ट में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी कम करने की मांग वाली एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने इस याचिका का कड़ा विरोध किया और याचिकाकर्ता के इरादों पर गंभीर सवाल उठाए।
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एएसजी (अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल) ने कोर्ट में कहा कि यह याचिका एक विशेष एजेंडे के तहत दायर की गई है। उन्होंने कोर्ट से पूछा कि ‘इस जनहित याचिका के पीछे कौन है?’ सरकार ने तर्क दिया कि यह एक वास्तविक जनहित याचिका नहीं है, बल्कि ‘लोडेड पिटीशन’ है।
सरकार ने कोर्ट को बताया कि मेडिकल उपकरणों का वर्गीकरण स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विस्तृत जांच के बाद किया जाता है, न कि जीएसटी परिषद द्वारा। याचिकाकर्ता ने एयर प्यूरीफायर को ‘मेडिकल डिवाइस’ के रूप में वर्गीकृत करने की मांग की है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय को इसमें पक्षकार नहीं बनाया गया।
अधिकारियों ने याचिका के पीछे संभावित एकाधिकार (monopolistic) इरादों पर भी चिंता जताई। कोर्ट ने भी इस मामले में संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि ‘हम जानना चाहते हैं कि इस याचिका के पीछे कौन है। यह एक लोडेड पिटीशन है, जनहित याचिका नहीं।’
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