दिल्ली MCD उपचुनाव: ‘वादे नहीं, स्वभाव पर वोट!’ पश्चिमी दिल्ली के मतदाताओं ने बताई प्राथमिकता
पश्चिमी दिल्ली में निगम उपचुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर पहुंचे मतदाताओं ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय के चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा किए गए वादों से ज्यादा उनका स्वभाव मायने रखता है। मतदाताओं का मानना था कि वादे पूरे होंगे या नहीं, यह सिर्फ कयास है, लेकिन प्रत्याशी का स्वभाव यह तय करता है कि वह भविष्य में क्षेत्र के लिए कितना सुलभ रहेगा और जनता के सुख-दुख में कितना भागीदार होगा।
दिचाऊं कलां सीट पर मतदान करने आए राजेश सैनी ने कहा कि यहां पार्टी नहीं, उम्मीदवार मायने रखता है। उन्होंने कहा, “किस प्रत्याशी ने या उनके परिवार ने हमारे लिए क्या किया, यह बात मायने रखती है। काम हो या न हो, किसने हमारे काम करवाने की ईमानदारी से कोशिश की, यह बात मायने रखती है।”
द्वारका बी वार्ड की मतदाता रामचंद्री ने कहा, “मेरे लिए जन प्रतिनिधि का सही अर्थ जनता के सुख दुख में साझीदार होना है।” वहीं, ऊषा ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनप्रतिनिधि ऐसा हो, जो जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहे। मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों जैसे साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट के साथ-साथ प्रत्याशियों की कथनी और करनी में समानता को भी अहम कसौटी माना।
