सर्दियों का मौसम अपने साथ जहां ठंड लाता है, वहीं खानपान की आदतों में भी बदलाव लाता है। मुरादाबाद में इन दिनों अंडे की खपत में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। रोजमर्रा के खानपान...
सर्दियों का मौसम अपने साथ जहां ठंड लाता है, वहीं खानपान की आदतों में भी बदलाव लाता है। मुरादाबाद में इन दिनों अंडे की खपत में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। रोजमर्रा के खानपान में ऊर्जा का एक सुलभ स्रोत माने जाने वाले अंडे की मांग तापमान गिरते ही तेजी से बढ़ी है। शहरवासी प्रतिदिन औसतन साढ़े तीन लाख अंडों का सेवन कर रहे हैं। इस बढ़ती मांग का सीधा असर बाजार में अंडों की कीमतों पर पड़ा है।
वर्तमान में रिटेल बाजार में फार्मी अंडा नौ रुपये प्रति पीस और देसी अंडा 20 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गया है। मुरादाबाद के पांच बड़े होलसेल व्यापारी प्रतिदिन लगभग साढ़े तीन लाख अंडों की आपूर्ति कर रहे हैं। इन होलसेलरों से खरीदकर करीब 700 रिटेल दुकानदार अंडों की बिक्री कर रहे हैं। इसके अलावा, शहर में लगभग 300 ठेलों पर उबले अंडों की बिक्री की जा रही है, जिन्हें प्याज, चटनी और मसालों के साथ 13 रुपये प्रति अंडा बेचा जा रहा है। इन ठेलों पर सुबह और शाम के समय सबसे ज्यादा भीड़ देखी जाती है, क्योंकि लोग काम पर जाते या लौटते समय जल्दी मिलने वाले इस पौष्टिक नाश्ते को पसंद करते हैं।
लगभग 25 दिन पहले की स्थिति बिल्कुल विपरीत थी, जब फार्मी अंडा पांच रुपये, उबला अंडा आठ रुपये और देसी अंडा 12 रुपये में मिल रहा था। नवंबर के मध्य से ठंड का असर बढ़ने के साथ ही खपत में उछाल आया और दामों में भी तेजी आ गई। अंडा कारोबारियों के अनुसार, दिसंबर की शुरुआत तक रिटेल बाजार में अंडा 10 रुपये प्रति पीस तक पहुंच सकता है। कोहरा शुरू होने के बाद खपत और बढ़ जाती है, क्योंकि लोग गर्माहट देने वाले और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। ऐसे में कीमतों में और तेजी आने की आशंका बनी हुई है।
अंडा कारोबारियों का कहना है कि उत्तर भारत में सर्दी बढ़ने के साथ ही शहरों में अंडे की आवक कम हो जाती है। पोल्ट्री फार्मों में उत्पादन प्रभावित होता है, जबकि दूसरी ओर खपत बढ़ जाती है। थोक दाम बढ़ने का सीधा असर रिटेल कीमतों पर पड़ता है। एक होलसेल व्यापारी के अनुसार, होलसेल मार्केट में अभी प्रतिदिन साढ़े तीन लाख अंडों की खपत हो रही है, जो सर्दी और बढ़ने पर पांच लाख प्रतिदिन तक पहुंच सकती है।
वहीं, उपभोक्ताओं के लिए देसी और फार्मी अंडों की पहचान करना भी महत्वपूर्ण है। आमतौर पर देसी अंडे आकार में छोटे और भूरे रंग के होते हैं, जबकि फार्म के अंडे सफेद और बड़े होते हैं। देसी अंडे का छिलका थोड़ा मुलायम होता है, जबकि फार्म के अंडे का छिलका खुरदरा हो सकता है। देसी अंडे की जर्दी गहरे पीले या नारंगी रंग की होती है, जबकि फार्म के अंडे की जर्दी हल्की पीली होती है। यदि अंडे में चायपत्ती जैसी गंध आए तो यह रंगकर बेचने का संकेत हो सकता है। देसी अंडे को पौष्टिक माना जाता है, खासकर ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ए, ई, डी की अधिकता के कारण।
देसी अंडों की कम उपलब्धता के कारण वे महंगे पड़ते हैं। सूत्रों के अनुसार, फिलहाल होलसेल में फार्मी अंडे की कीमत लगभग 6.60 रुपये है, जो रिटेल में आठ रुपये तक बेचा जा रहा है। क्षेत्र के अनुसार दुकानदार अपने दाम तय करते हैं। वर्तमान मूल्य वृद्धि ने परिवारों के घरेलू बजट को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है, खासकर देसी अंडों की कीमतें दोगुनी हो जाने से उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। उम्मीद है कि दिसंबर के मध्य तक बाजार स्थिर हो सकता है, लेकिन मौसम का रुख और आपूर्ति की स्थिति आने वाले दिनों में दामों का निर्धारण करेगी।