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2 दिसंबर को है भौम प्रदोष व्रत: कर्ज मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए करें ये अचूक उपाय

By Nov 28, 2025

हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है, जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि पर यह व्रत रखा जाता है। जब त्रयोदशी तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भौम प्रदोष व्रत का संबंध सीधे मंगल ग्रह से होता है और यह विशेष रूप से कर्ज से मुक्ति पाने के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है।

इस वर्ष 2 दिसंबर को भौम प्रदोष व्रत का शुभ संयोग बन रहा है। इस व्रत को श्रद्धापूर्वक रखने से न केवल आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं, बल्कि जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का भी आगमन होता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे सभी कष्टों का निवारण होता है।

भौम प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। शाम के समय, प्रदोष काल में साफ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव व माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद, शिवलिंग पर विशेष वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग पर कुछ खास चीजें चढ़ाने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली इन विशेष वस्तुओं में दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और शमी पत्र शामिल हैं। इन सभी का शिवलिंग पर अभिषेक करने से शिव जी की कृपा मिलती है। इसके अतिरिक्त, शिव चालीसा का पाठ और ‘ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नमः’ मंत्र का जाप करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद सभी भक्तों में वितरित करें।

इस प्रकार, भौम प्रदोष व्रत का विधिवत पालन करने से न केवल कर्ज से मुक्ति मिलती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मंगल दोष का प्रभाव भी कम होता है। यह व्रत भक्तों को आध्यात्मिक और भौतिक दोनों स्तरों पर लाभ पहुंचाता है।

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