डीआरएम ने देर रात्रि किया रेलवे सुरक्षा का औचक निरीक्षण
पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) उदय सिंह मीना ने यात्री सुविधा और ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुरुवार की रात रेलवे सुरक्षा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि यात्री सुविधाओं या ट्रेनों के परिचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार रात करीब 11:10 बजे डीआरएम मीना बिना किसी पूर्व सूचना के डीडीयू जंक्शन पहुंच गए। उन्होंने प्लेटफार्म नंबर तीन पर डाउन की 12398 महाबोधि एक्सप्रेस के इंजन में खड़े होकर यात्रा शुरू की। ट्रेन रात्रि 11:25 पर जंक्शन से रवाना हुई और लगभग 12:49 बजे सासाराम स्टेशन पहुंची। इस दौरान डीआरएम ने वेटिंग हॉल, आरक्षण भवन, यातायात संचालन और सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की।
डीआरएम ने सीसीटीवी फुटेज, अनाउंसमेंट सिस्टम, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की कार्यप्रणाली की गहन जानकारी ली। उन्होंने यात्री आश्रय की संरचना, क्षमता, बैठने की व्यवस्था, शौचालय एवं पेयजल सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रावधानों और साफ-सफाई की स्थिति का भी बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद, उन्होंने सासाराम से रात्रि 1:20 बजे 12942 पारसनाथ एक्सप्रेस में सवार होकर 2:46 बजे डीडीयू जंक्शन वापस पहुंचे।
सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन पर विशेष ध्यान देते हुए, डीआरएम ने इंजन में बैठकर फॉग सेफ्टी डिवाइस (एफएसडी) की जांच की। यह उपकरण लोको पायलट को सिग्नल आने से पहले ही सतर्क कर देता है, जिससे घने कोहरे में भी सुरक्षित ट्रेन परिचालन संभव होता है। एफएसडी में एक छोटा डिस्प्ले होता है जिसमें जीपीएस मैप, सिग्नल, व्हिसल बोर्ड, लेवल क्रॉसिंग और गति-प्रतिबंधित क्षेत्रों की जानकारी फीड होती है।
