दिल्ली तक फैला बाराबंकी का IR गैंग, जोन स्तरीय निगरानी में आया
बाराबंकी पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो मोबाइल टावरों से कीमती उपकरण चुराकर न केवल लखनऊ और अयोध्या में बेचता था, बल्कि इस नेटवर्क को दिल्ली तक फैला चुका था। पुलिस अधीक्षक के अनुमोदन पर इस गिरोह को जोन स्तरीय ‘IR गैंग-25’ के रूप में पंजीकृत किया गया है, जिससे अब पूरे जोन की पुलिस इस पर सतत निगरानी रखेगी।
सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह मुख्य रूप से लखनऊ कमिश्नरेट और अयोध्या परिक्षेत्र में सक्रिय था। चोरी किए गए महंगे उपकरणों को दिल्ली के कबाड़ियों तक सप्लाई किया जाता था। गिरोह का सरगना संदीप कुमार, जो बाराबंकी के महोलिया गांव का निवासी है, इस रैकेट का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है। गिरोह के अन्य सदस्यों में बाराबंकी के अमित, लखनऊ के राजेंद्र प्रसाद उर्फ गुड्डू, तरैया के सुभाष कुमार, नंदलाल और दिल्ली के मंडावली निवासी कबाड़ी राशिद मलिक शामिल हैं। राशिद मलिक मूल रूप से बुलंदशहर का रहने वाला है और दिल्ली में चोरी के माल को खपाने का काम करता था।
‘इंटर रेंज (IR) गैंग’ प्रणाली का उद्देश्य प्रदेश में सक्रिय माफिया और आपराधिक गिरोहों को एक विशिष्ट पहचान देना है, ताकि उनकी गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से निगरानी और नियंत्रण रखा जा सके। यह पंजीकरण अपर पुलिस महानिदेशक के अनुमोदन के बाद किया जाता है। इस तरह के पंजीकरण से पूर्व गिरोह के सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाती है और उनकी अवैध संपत्तियों को कुर्क करने का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि IR गैंग के रूप में पंजीकृत होने के बाद अब इस गिरोह पर जोन स्तर से निगरानी रखी जाएगी। गिरोह के सदस्य वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं और उनकी गतिविधियों पर सतर्क नजर रखी जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। इस कार्रवाई से अपराधियों में भय का माहौल है और पुलिस की सक्रियता को बल मिला है।
