दिल्ली में टोल भुगतान हुआ आसान: MCD लागू कर रही है फास्टैग सुविधा
दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों के लिए टोल भुगतान की प्रक्रिया को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर निगम (MCD) अब टोल भुगतान के लिए फास्टैग सुविधा लागू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था से वाहन चालकों को दो अलग-अलग आरएफआईडी टैग को रिचार्ज करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी, जिससे उन्हें काफी सुविधा होगी।
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी व्यावसायिक वाहनों के लिए पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) को अनिवार्य करने के आदेश के बाद लिया गया है। पहले, ECC वसूलने के लिए कई शर्तें थीं, जिनमें खाली वाहनों के लिए अलग शुल्क और कुछ वस्तुओं के परिवहन पर छूट शामिल थी, जो फास्टैग प्रणाली के साथ पूरी तरह से मेल नहीं खाती थी। हालांकि, अब ECC के लिए छूट की श्रेणी को हटा दिए जाने के बाद, एमसीडी सभी व्यावसायिक वाहनों को फास्टैग से जोड़ने की योजना बना रही है।
सूत्रों के अनुसार, एमसीडी इस व्यवस्था को लागू करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ बातचीत कर रही है। टोल संग्रह का काम एक नई कंपनी को टेंडर के माध्यम से सौंपा जाएगा। जब यह प्रस्ताव अंतिम रूप ले लेगा और टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे, तो फास्टैग को टोल वसूली की शर्तों में शामिल कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि निजी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश पर टोल से छूट प्राप्त है, जबकि वाणिज्यिक वाहनों से टोल लिया जाता है। वर्ष 2019 में, वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से, एमसीडी ने 13 प्रमुख टोल प्लाजा पर नकद टोल संग्रह के बजाय आरएफआईडी तकनीक का उपयोग शुरू किया था। इस प्रणाली के तहत, एमसीडी अपने स्वयं के आरएफआईडी टैग जारी करती थी, जिन्हें एमसीडी की वेबसाइट या टोल प्लाजा पर रिचार्ज किया जा सकता था।
हालांकि, देश भर में फास्टैग के बढ़ते उपयोग ने कुछ वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं, क्योंकि उन्हें अपने फास्टैग के साथ-साथ एमसीडी के टैग को भी अलग से रिचार्ज करना पड़ता था और दोनों का रिकॉर्ड रखना पड़ता था। नई फास्टैग-आधारित प्रणाली इस समस्या का समाधान करेगी।
टोल वसूली प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए, एमसीडी फ्री लेन में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे लगाने पर भी विचार कर रही है। वर्तमान में, जब वाणिज्यिक वाहन फ्री लेन से गुजरते हैं, तो कर्मचारियों द्वारा उन्हें रोककर टोल वसूला जाता है, जिससे अक्सर यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। एएनपीआर कैमरों के लगने से यह समस्या समाप्त हो जाएगी। जैसे ही कोई वाहन फ्री लेन से गुजरेगा, कैमरे उसकी नंबर प्लेट को स्कैन कर लेंगे और वाहन पर पंजीकृत फास्टैग या एमसीडी टैग से स्वचालित रूप से टोल की राशि वसूल ली जाएगी। इससे टोल वसूली की प्रक्रिया तेज और सुगम होगी, साथ ही ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी।
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