दिल्ली के गरीबों को मिलेगा पक्का आशियाना, रेखा सरकार ने शुरू की बड़ी पहल
दिल्ली सरकार ने राजधानी के गरीब नागरिकों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने के लिए मौजूदा जर्जर हो चुके घरों की मरम्मत कराएगी और उन्हें रहने योग्य बनाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, सावदा घेवरा क्षेत्र में स्थित 2,416 तैयार फ्लैटों की मरम्मत का कार्य 15 जनवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
यह योजना जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के अंतर्गत वर्ष 2008 से शुरू की गई थी, जिसके तहत राजधानी में 14 स्थानों पर 52,584 फ्लैटों का निर्माण किया जाना था। हालांकि, आवंटित न होने के कारण इनमें से अधिकांश फ्लैट जर्जर हो गए हैं। अब दिल्ली की सरकार इन फ्लैटों का नवीनीकरण कर पात्र लोगों को आवंटित करने की योजना पर काम कर रही है। सुल्तानपुरी, द्वारका तथा भलस्वा में गरीबों के लिए बने फ्लैटों के मरम्मत कार्य को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही इनमें बिजली, पानी, सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
दिल्ली सचिवालय में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की एक बैठक में इस संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि झुग्गीवासियों के पुनर्वास, तैयार फ्लैटों के नवीनीकरण और गरीबों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने डूसिब कालोनियों में दैनिक आवश्यकताओं की दुकानें, सब्जी मार्केट, सामुदायिक हॉल, आरोग्य मंदिर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, कचरा निस्तारण प्रणाली, जल आपूर्ति व्यवस्था, पार्क, सड़क, बिजली और सीवर लाइन जैसी आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक में डूसिब कालोनियों में रहने वालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए 124 स्थानों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में गरीब और रिक्शा चालक बसेंगे, वहां ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन और पर्याप्त पार्किंग स्पेस अनिवार्य रूप से विकसित किए जाएं। शहरी विकास मंत्री सूद ने अधिकारियों से झुग्गी बस्तियों में रहने वालों के लिए व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इस पहल से दिल्ली के हजारों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिलने की उम्मीद जगी है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मजहबी कट्टरता का बढ़ता साया: भारतीय मुस्लिम समाज में चिंताजनक बदलाव
एसएफ स्ट्रीट स्कूल ने मंसा टीला में खोली नई शाखा, वंचित बच्चों को मिलेगी शिक्षा
निर्माण और मलबा दिल्ली की हवा में PM-10 को 24% तक बढ़ाता है: AIIMS स्टडी का बड़ा खुलासा
दे दे प्यार दे 2 का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, नई फिल्मों को पछाड़कर की बंपर कमाई
ChatGPT का ग्रुप चैट फीचर अब सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध, मिलकर करें AI से बातचीत
मेडिकल कॉलेजों में ‘एंटी-नेशनल’ गतिविधियों पर लगेगी रोक, NMC की नई गाइडलाइन
दिल्ली पुलिस का ‘साइ-हॉक’ ऑपरेशन: 48 घंटे में 877 साइबर अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली में बिजली की मांग 6000 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान, आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी
