0

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी का प्रयास, डोमचांच में परिवार सहमा

By Dec 3, 2025

कोडरमा जिले के डोमचांच में एक परिवार को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का शिकार बनाने का प्रयास किया गया। मसनोडीह निवासी बसंत कुमार मेहता ने स्थानीय थाना में आवेदन देकर इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार, 29 नवंबर की सुबह करीब 10:30 बजे बसंत कुमार मेहता को एक मोबाइल नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया और दावा किया कि बसंत मेहता के नाम पर जारी एक सिम कार्ड का इस्तेमाल देश में हुए बम विस्फोटों में किया गया है। इसके बाद, दोपहर करीब 11 बजे एक अन्य नंबर से वीडियो कॉल आई, जिसमें वर्दीधारी व्यक्ति दिखाई दिया।

पीड़ित ने बताया कि इन कॉल्स के दौरान ठगों ने उनसे और उनकी पत्नी संजू बाला से उनका आधार नंबर ले लिया। उन्होंने लगभग 3:32 बजे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखने की धमकी देकर लगातार डराया-धमकाया। गनीमत रही कि पीड़ित के बेटे ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कॉल काट दिया। इसके बाद भी कई अन्य नंबरों से लगातार फोन आते रहे, जिन्हें परिवार ने ब्लॉक कर दिया।

ठगों ने यहीं नहीं रुके। उन्होंने व्हाट्सएप पर बसंत मेहता के नाम और आधार नंबर का उपयोग करके विभिन्न आपराधिक मामलों में उन्हें फंसाने वाले फर्जी दस्तावेज भी भेजे। इन दस्तावेजों को देखकर पूरा परिवार भयभीत हो गया। बसंत मेहता ने आशंका जताई है कि ठग उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग किसी अवैध गतिविधि या अन्य ठगी के मामलों में कर सकते हैं।

परिवार ने तत्काल स्थानीय पुलिस से इस मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने पीड़ित का आवेदन प्राप्त कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है।

इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल ठगी के नए तरीकों की ओर इशारा किया है। ऐसे मामलों में ठग अक्सर सरकारी अधिकारी या पुलिसकर्मी बनकर लोगों को फोन करते हैं और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर उन्हें डराने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी स्थिति में सबसे पहले शांत रहना चाहिए और किसी भी अनजान कॉलर को अपनी निजी जानकारी, जैसे आधार नंबर, ओटीपी, बैंक विवरण या पासवर्ड बिल्कुल नहीं देना चाहिए। वीडियो कॉल पर वर्दीधारी व्यक्ति को देखकर विश्वास करना भी खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह छद्म वेश हो सकता है। किसी भी धमकी भरे कॉल को तुरंत डिस्कनेक्ट कर देना चाहिए और उस नंबर को ब्लॉक कर देना चाहिए। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि किसी भी कानूनी कार्रवाई या गिरफ्तारी की सूचना कभी भी फोन पर नहीं दी जाती। ऐसी किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज करानी चाहिए।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें