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डीजीपी बनकर एसपी से ठगी का प्रयास, दो साइबर अपराधी गिरफ्तार

By Nov 25, 2025

साइबर अपराधियों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि अब वे पुलिस महकमे को भी निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। हाल ही में खगड़िया में एक ऐसे ही गंभीर मामले का खुलासा हुआ है, जहाँ साइबर ठगों ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बनकर खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राकेश कुमार से ठगी का प्रयास किया।

यह घटना 10 अक्टूबर को तब हुई जब एसपी के सरकारी मोबाइल नंबर पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बिहार के डीजीपी विनय कुमार बताया और एक नंबर के साथ गूगल पे का विवरण भेजकर पैसे की मांग की। हालांकि, एसपी राकेश कुमार अपनी सतर्कता और अनुभव के चलते इस जाल में नहीं फंसे। उन्हें कॉल पर संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत मामले की जांच के निर्देश दिए।

एसपी के निर्देश पर साइबर सेल की टीम हरकत में आई। साइबर इंस्पेक्टर श्वेता भारती के लिखित बयान पर तुरंत मामला दर्ज किया गया। एसपी द्वारा गठित एक विशेष टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल नंबर और उससे जुड़े बैंक खाते की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ी। इस जांच के बाद टीम ने वैशाली जिले से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वैशाली जिले के ग्राम अजमतपुर निवासी मधुकांत ठाकुर और लारूई हुसैनाबाद निवासी निकील उर्फ निखिल पासवान के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि एक बड़ा गिरोह इस तरह की ठगी को अंजाम देता है। यह गिरोह आम लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाता है और मोबाइल सिम कार्ड खरीदता है। इसके बाद इन सिम कार्ड और खातों का इस्तेमाल वे आगे के सदस्यों द्वारा ठगी के लिए करते हैं।

एसपी राकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड और दो मोबाइल सिम बरामद किए गए हैं। यह बरामदगी इस बात की पुष्टि करती है कि वे किस तरह से फर्जी पहचान के आधार पर ठगी के लिए सामग्री जुटाते थे। उन्होंने साइबर डीएसपी निशांत गौरव, पुलिस अवर निरीक्षक चंद्रकांत कुमार, सिपाही गुलशन कुमार और टीम के अन्य सदस्यों की इस त्वरित कार्रवाई के लिए सराहना की। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए आगे की जांच में जुटी हुई है।

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