डीजे के शोर का कहर: कासगंज में 3 की मौत, नियम पालन की उठी मांग
कासगंज जिले के गंजडुंडवारा में डीजे पर डांस करने की जिद को लेकर हुए एक सनसनीखेज वारदात में तीन लोगों की जान चली गई। यह घटना विवाह समारोहों में डीजे के शोरगुल और उससे उत्पन्न होने वाले विवादों की समस्या को एक बार फिर सुर्खियों में ले आई है। बताया जाता है कि एक रिश्तेदार द्वारा डीजे बजाने की जिद पर अड़े रहने और मना करने पर गुस्साए युवक ने कार से तीन लोगों को कुचल दिया, जिनमें दो सगे भाई और एक अन्य रिश्तेदार शामिल थे। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
इस घटना के बाद आम लोगों में इस बात को लेकर गहरी चिंता और बहस छिड़ गई है कि शादियों और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में बजने वाले डीजे के संबंध में शासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन क्यों नहीं किया जाता। लोगों का कहना है कि रात दस बजे के बाद तेज आवाज में डीजे बजाना, अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करना और इससे होने वाले मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरे प्रभाव को नजरअंदाज किया जा रहा है। ध्वनि प्रदूषण के कारण न केवल नींद हराम हो जाती है, बल्कि हृदय और कानों पर भी सीधा असर पड़ता है, जिससे चिड़चिड़ापन और श्रवण क्षमता प्रभावित होती है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि डीजे बजाने के लिए निश्चित समय सीमा तय की जाए और आवाज की तीव्रता को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार रखा जाए। लोगों का मानना है कि यदि इन नियमों का पालन किया जाए तो ऐसे विवादों को रोका जा सकता है और मांगलिक कार्य हंसी-खुशी संपन्न हो सकेंगे। कई लोगों ने कहा कि तेज आवाज में बजने वाले डीजे से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को विशेष परेशानी होती है, साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने आयोजनों के दौरान बजने वाले डीजे के लिए एक गाइडलाइन निर्धारित की है। यदि आयोजक और डीजे संचालक इन दिशा-निर्देशों का पालन करें तो ध्वनि प्रदूषण की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। लोगों को भी चाहिए कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें ताकि ऐसे दुखद हादसे दोबारा न हों। यह घटना एक सबक के रूप में देखी जानी चाहिए कि कैसे एक छोटी सी जिद और नियमों के उल्लंघन से भयानक परिणाम हो सकते हैं।
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