दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को पति ने दिया तीन तलाक
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को उसके पति और ससुराल वालों ने कथित तौर पर न केवल मारपीट कर घर से निकाल दिया, बल्कि बाद में पति ने मायके पहुंचकर उसे तीन तलाक भी दे दिया। यह घटना दहेज उत्पीड़न और तीन तलाक के खिलाफ बने कानूनों के बावजूद समाज में व्याप्त कुरीतियों को उजागर करती है।
सूत्रों के अनुसार, सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के ईदगाह कांशीराम कॉलोनी निवासी मुस्कान का निकाह करीब तीन वर्ष पूर्व फीलखाना निवासी आसिफ के साथ हुआ था। निकाह के बाद मुस्कान को एक पुत्री भी हुई। पुत्री के जन्म के बाद से ही कथित तौर पर ससुराल वाले, जिनमें पति आसिफ, सास अफरोज जहां, जेठ दानिश, जेठानी अलीशा, निक्की और फईम शामिल हैं, दहेज में एक बाइक और दो लाख रुपये की मांग करने लगे।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि जब उसने दहेज की मांग पूरी करने से इनकार कर दिया, तो ससुराल वालों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और डंडों से उसकी पिटाई की। उसने अपने मायके पक्ष के लोगों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन ससुराल वाले अपनी मांगों पर अड़े रहे। इतना ही नहीं, पीड़िता ने अपने जेठ पर बुरी नीयत रखने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 नवंबर को पति आसिफ ने मारपीट करते हुए मुस्कान और उसकी बच्ची को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता अपने मायके लौट आई। अगले दिन, 15 नवंबर की सुबह करीब आठ बजे, पति आसिफ उसके मायके पहुंचा और वहां मौजूद परिजनों के सामने मुस्कान को तीन तलाक दे दिया।
इस घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर दहेज प्रथा की क्रूरता और तीन तलाक के मुद्दे को सुर्खियों में लाती है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई है और ऐसे कानूनों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस घटना ने महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
