उद्धव ठाकरे का दांव: कांग्रेस को भाजपा का डर दिखाकर गठबंधन में रोकने की कवायद
महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी द्वारा इन चुनावों में अकेले उतरने की मंशा जताए जाने के बाद शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कड़ी आपत्ति जताई है। ठाकरे का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है और इससे विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की एकता को खतरा पहुंच सकता है।
सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे कांग्रेस को भाजपा के संभावित खतरे से आगाह कर रहे हैं और उन्हें याद दिला रहे हैं कि भाजपा से मिलकर मुकाबला करने में ही सभी दलों की भलाई है। ठाकरे की रणनीति है कि कांग्रेस को भाजपा विरोधी लहर का डर दिखाकर गठबंधन में ही बने रहने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि महाराष्ट्र में एमवीए गठबंधन अटूट बना रहे।
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा गया है कि चुनाव अकेले लड़ने की कांग्रेस पार्टी की घोषणा ‘आत्मघाती’ कदम साबित होगी। संपादकीय में तर्क दिया गया है कि भाजपा को मात देने के लिए विपक्षी एकता अत्यंत आवश्यक है। इसमें भाजपा पर ‘गुंडागर्दी, भीड़तंत्र, धनबल और पुलिस बल के अत्यधिक प्रयोग के ज़रिए चुनाव प्रणाली को हाईजैक करने’ का आरोप लगाया गया है। साथ ही, मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कथित योजना को रोकने के लिए एकता पर जोर दिया गया है। संपादकीय में मराठी अस्मिता का कार्ड खेलते हुए यह भी कहा गया है कि महाराष्ट्र की जनता मराठी जनभावनाओं के ख़िलाफ़ जाने वालों को माफ नहीं करेगी।
संपादकीय में बिहार चुनाव परिणामों का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि भाजपा और उसके सहयोगी किस तरह चुनावी खेल खेलते हैं, इसका अहसास बिहार चुनावों में हुआ। ऐसे समय में, एकजुट होकर चुनाव लड़ने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है, भले ही दलों की विचारधाराएं अलग हों। राहुल गांधी द्वारा मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त को सबक सिखाने की बात का भी जिक्र किया गया है, जिसे विपक्ष की एकजुटता से ही संभव बताया गया है।
हालांकि, शिवसेना का यह तर्क महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल के गले नहीं उतर रहा है। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र में मिलकर लड़ने से लोकसभा में तो जीत मिली, लेकिन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने बिहार का भी उदाहरण दिया, जहां 10 दलों के गठबंधन के बावजूद जीत हासिल नहीं हुई। ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि हर्षवर्द्धन सपकाल, उद्धव ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे को महाविकास अघाड़ी में शामिल करने की मंशा से भी सहमत नहीं हैं।
टाटा मोटर्स बनेगी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ट्रक निर्माता, EU ने इवेको सौदे को दी हरी झंडी
इंदिरा आईवीएफ धोखाधड़ी: को-प्रोड्यूसर सहित दो गिरफ्तार, भट्ट दंपती की भूमिका की जांच
अमोल बिश्नोई भारत प्रत्यर्पित, अमेरिका से लाया जा रहा है
नाबालिग से दुष्कर्म का 25 हजार का इनामी बदमाश महाराष्ट्र से गिरफ्तार
25 हजार का इनामी कुख्यात बदमाश महाराष्ट्र से गिरफ्तार, सिद्धार्थनगर का रहने वाला
मुनव्वर फारूकी का नंबर लीक? फैंस को मिला ‘खास’ संदेश!
गौतम खन्ना की पत्नी आकांक्षा चमोला का बोल्ड अंदाज़, फैंस हुए दीवाने
इन्वेस्ट यूपी ने मुंबई में निवेशकों को जीसीसी क्षेत्र में निवेश का दिया प्रस्ताव
