इंदिरा आईवीएफ धोखाधड़ी: को-प्रोड्यूसर सहित दो गिरफ्तार, भट्ट दंपती की भूमिका की जांच
इंदिरा आईवीएफ एवं इंदिरा एंटरटेनमेंट के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया द्वारा दर्ज कराए गए 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ठाणे-मुंबई निवासी को-प्रोड्यूसर मेहबूब अंसार और वेंडर संदीप त्रिभोवन शामिल हैं। इस मामले में एफआईआर में बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जिनकी भूमिका की जांच अब पुलिस कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी के पुख्ता संकेत मिले हैं। पता चला है कि बिलों को क्लियर कराने की प्रक्रिया में महबूब अंसारी, श्वेतांबरी भट्ट और उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया की अहम भूमिका थी। वेंडरों द्वारा प्रस्तुत किए गए बिलों का सत्यापन इन्हीं तीनों के द्वारा किया जाता था, जिसके बाद इंदिरा एंटरटेनमेंट के खाते से भुगतान होता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि वेंडर संदीप त्रिभोवन, जिसकी वास्तविक सैलरी 60 हजार रुपये प्रति माह थी, उसे कंपनी के नाम पर दो लाख रुपये प्रति माह का भुगतान उठाया जा रहा था। इस राशि में से लगभग 1.40 लाख रुपये हर महीने श्वेतांबरी भट्ट के खाते में ट्रांसफर किए जाते थे।
आरोप है कि ऑटो चालक, पेंटर और छोटे सप्लायर जैसे लोगों को भी फर्जी वेंडर बनाकर लाखों-करोड़ों रुपये के बिल क्लेम किए गए। पुलिस की विशेष जांच टीम इस मामले में मुख्य आरोपी विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है। आगे की पूछताछ में इस धोखाधड़ी के नेटवर्क से जुड़े कई और खुलासे होने की संभावना है।
