12 करोड़ की साइबर ठगी: चीनी ठगों के साथी सुधाकर गर्ग को नोएडा पुलिस ने किया गिरफ्तार, 35 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा
गौतम बुद्ध नगर साइबर क्राइम पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से एक और मास्टरमाइंड सुधाकर गर्ग को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी दिसंबर में एक बिजनेसमैन के साथ स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट के बहाने हुए ₹12 करोड़ के साइबर फ्रॉड के सिलसिले में हुई है। आरोपी ने कमीशन पर साइबर फ्रॉड करने वालों को पांच बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए थे, जिनके जरिए ₹35 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। उसने कमीशन पर पैसे देश से बाहर भेजने में भी मदद की। मुंबई और हैदराबाद पुलिस पहले ही आरोपी के चार साथियों को जेल भेज चुकी है।
साइबर फ्रॉड करने वालों ने नोएडा के बिजनेसमैन से स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर ₹12 करोड़ की ठगी की थी। पीड़ित ने 3 दिसंबर को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने बैंक अकाउंट्स की जांच के आधार पर रोहतक से सुधाकर गर्ग को पकड़ा। डीसीपी साइबर सिक्योरिटी शैव्या गोयल ने बताया कि आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए राशिद खान उर्फ लकी के संपर्क में आया था। उसे फर्जी फर्म और बैंक अकाउंट खोलने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन का लालच दिया गया था।
पूछताछ में पता चला कि सुधाकर गर्ग ने पांच बैंक अकाउंट खोले थे, जिनमें पीड़ित से ठगे गए ₹12 करोड़ में से एक बड़ी रकम जमा की गई थी। वह 7 से 10 प्रतिशत कमीशन पर पैसे निकालने का काम भी करता था। उसे USDT में भी पेमेंट किया जाता था, जिसे वह Binance और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेचता था। फिर वह इस पैसे को UPI के जरिए दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर देता था।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी के पांच बैंक अकाउंट के ज़रिए एक साल में ₹35 करोड़ के साइबर फ्रॉड के पैसे की मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी। उसके खिलाफ देश भर से NCRP पोर्टल पर 37 शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और बंगाल जैसे राज्यों से मामले शामिल हैं। नोएडा के अलावा, रोहतक, दिल्ली और बेंगलुरु में भी उनके खिलाफ चार मामले दर्ज हैं।
