37 साल से फरार अपराधी मध्य प्रदेश के शक्ति पीठ से गिरफ्तार, चाचा पर फेंका था तेजाब
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 37 साल पहले चाचा सहित दो लोगों पर तेजाब फेंकने के दोषी भगोड़े ‘राजू’ को मध्य प्रदेश के एक शक्ति पीठ से गिरफ्तार किया गया है। राजेश उर्फ राजू 37 वर्ष तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा और पहचान छिपाकर अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदलता रहा। पुलिस ने उसके मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन गत माह हाईकोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया तो महकमा सक्रिय हुआ।
तिलहर के पक्का कटरा मुहल्ला निवासी सराफा व्यापारी ओमप्रकाश का अपने भतीजे राजेश उर्फ राजू से घर व दुकान के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। 28 अगस्त 1986 को जब ओमप्रकाश अपने मुनीम गंगाधीन के साथ दुकान पर जा रहे थे, तो रास्ते में राजेश ने उन्हें रोक लिया। बंटवारे के विवाद में हाथापाई के दौरान राजेश ने तेजाब छीनकर ओमप्रकाश पर फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए।
इस मामले में राजेश को 30 मई 1988 को तेजाब से हमले में उम्रकैद व जानलेवा हमले में सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई। राजेश ने हाईकोर्ट में अपील की और 1988 में उसे वहां से जमानत मिल गई, लेकिन इसके बाद वह फरार हो गया। साक्ष्य अपने खिलाफ होने के कारण उसे सजा से बचने की उम्मीद कम थी, इसलिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा।
फरारी के दौरान वह गोला व लखीमपुर खीरी में किराये के घर लेकर रहा। बाद में लखीमपुर के ही कपूरथला में अपना मकान बनाकर रहने लगा। इसके बाद वह पत्नी व बच्चों को यहां छोड़कर स्वयं अलग-अलग राज्यों में धार्मिक स्थलों पर रुकने लगा। वह एक स्थान पर अधिकतम चार माह तक रहता था। पिछले कुछ माह से वह मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित गायत्री शक्ति पीठ में परिव्राजक के रूप में रह रहा था।
ओमप्रकाश व गंगादीन का निधन होने के बाद पुलिस ने भी फाइल लगभग बंद कर दी थी। इस बीच हाईकोर्ट से उसके विरुद्ध वारंट जारी होते रहे। गत माह 24 नवंबर को गैर जमानती वारंट जारी हुआ तो पुलिस सक्रिय हुई। पता चला कि राजेश अपनी पत्नी व बेटों से वाट्सएप काल के जरिए बात करता है। लोकेशन ट्रेस करके एसओजी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार व सर्विलांस टीम एसआइ मनोज कुमार ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
