कांवड़ियों पर टिप्पणी मामला: स्वामी प्रसाद मौर्य और इकबाल महमूद के खिलाफ कोर्ट में अब 8 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
उत्तर प्रदेश के संभल में स्वामी प्रसाद मौर्य और सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद से जुड़े एक मामले में अब बयान आठ जनवरी को दर्ज किए जाएंगे। यह मामला संभल की एक अदालत में चल रहा है। हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता की याचिका पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह की कोर्ट ने तीन नवंबर को स्वामी प्रसाद मौर्य और सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दर्ज करने की अनुमति दी थी।
मामले में 27 नवंबर को वादी सिमरन गुप्ता के बयान दर्ज किए गए थे। इसके बाद 12 दिसंबर को दूसरे गवाह के बयान होने थे, लेकिन 13 दिसंबर को होने वाली लोक अदालत के चलते कार्यवाही टाल दी गई। अब इस प्रकरण में आठ जनवरी 2025 को अगले गवाह के बयान दर्ज किए जाएंगे।
दिल्ली निवासी हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने इस वर्ष 21 अगस्त को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में संभल से सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ याचिका दायर की थी। सिमरन गुप्ता की ओर से यह याचिका इस आरोप में दायर की गई थी कि दोनों नेताओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों और कांवड़ियों को ‘गुंडा’ और ‘अराजकतत्व’ कहा था।
17 अक्टूबर को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह की कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई थी, जिसके बाद अगली तारीख 29 अक्टूबर तय की गई थी। उस तारीख पर कोर्ट ने जिरह पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने तीन नवंबर को फैसला सुनाते हुए स्वामी प्रसाद व इकबाल महमूद के खिलाफ परिवाद दर्ज करने की अनुमति दे दी थी। सिमरन गुप्ता के अधिवक्ता प्रसून निक्की ने बताया कि आठ जनवरी को एक और गवाह के बयान होने हैं, इसके बाद संभवत: कोर्ट की ओर से दूसरे पक्ष को नोटिस जारी किए जाएंगे।
