धनबाद दौरे पर कोयला मंत्री ने माफियाओं को दी चेतावनी, लेकिन गैस पीड़ितों से नहीं मिले; स्थानीय लोगों में नाराजगी
केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी के हालिया धनबाद दौरे ने स्थानीय राजनीति और जनमानस में हलचल मचा दी है। मंत्री ने जहां एक ओर अवैध कोयला कारोबार और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की, वहीं दूसरी ओर केंदुआडीह में गैस रिसाव से प्रभावित परिवारों से मुलाकात नहीं की। इस घटना में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है और 90 से अधिक लोग प्रभावित हैं। मंत्री के इस रुख से प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों में गहरी निराशा है।
केंदुआडीह की राजपूत बस्ती झरिया अग्नि प्रभावित क्षेत्र का हिस्सा है और यह क्षेत्र झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत आता है। मंत्री ने अपने दौरे के दौरान झरिया मास्टर प्लान की समीक्षा की, लेकिन घटनास्थल का दौरा नहीं किया। यह मामला इतना गंभीर था कि इसकी गूंज संसद तक में सुनाई दी थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि मंत्री का दौरा पीड़ितों को राहत देने के बजाय केवल आधिकारिक कार्यक्रमों तक सीमित रहा।
मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपने बयानों में स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से हो रहे कोयला कारोबार पर मंत्रालय की कड़ी नजर है और दोषियों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस बयान को हाल ही में धनबाद में बढ़ी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई की सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है।
धनबाद में कोयला कारोबार से जुड़े करीब 18 स्थानों पर छापेमारी हो चुकी है और कई ठेकेदार, राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोग और कोयला अधिकारी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। मंत्री की चेतावनी के बाद कोयला माफियाओं में खलबली मची हुई है। हालांकि, पीड़ितों से दूरी बनाए रखने के कारण स्थानीय स्तर पर मंत्री के दौरे को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
