कानपुर में क्रोमियम प्रदूषण: कचरे संग दूषित मिट्टी भी पांच फीट नीचे तक खोदी गई
कानपुर के पुरवामीर इलाके में एक केमिकल फैक्ट्री से फेंके गए क्रोमियम युक्त कचरे ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। यह कचरा जमीन में करीब पांच फीट की गहराई तक पहुंच गया है, जिससे मिट्टी भी दूषित हो गई है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की देखरेख में इस क्रोमियम युक्त कचरे और दूषित मिट्टी को उठाने का काम चल रहा है। मंगलवार को भी पांच डंपर कचरा उठाया गया।
यह मामला तब सामने आया जब पुरवामीर में किसी केमिकल फैक्ट्री के संचालक द्वारा बड़े पैमाने पर क्रोमियम युक्त कचरा फेंका गया था। यूपीपीसीबी ने प्रदूषित स्थलों की जांच के बाद इस कचरे के निस्तारण का आदेश दिया था। 14 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान के दौरान, कचरे के साथ-साथ मिट्टी में भी क्रोमियम का प्रदूषण पाया गया। इसी कारण, अब प्रदूषित मिट्टी को भी खोदा जा रहा है ताकि उसे कचरे से अलग किया जा सके और क्रोमियम मुक्त मिट्टी को दोबारा भरा जा सके। अब तक लगभग 150 टन क्रोमियम युक्त कचरा और मिट्टी उठाई जा चुकी है।
हालांकि, यूपीपीसीबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यालय से गठित कमेटी ने कचरे के निस्तारण के निर्देश तो दिए, लेकिन जलाशय में घुले क्रोमियम के निस्तारण का कोई उल्लेख नहीं किया। इससे केवल कचरे और मिट्टी को ही उठाया जा रहा है, जबकि पानी में क्रोमियम की मात्रा सामान्य से 757 गुना अधिक पाई गई थी। यह क्रोमियम भूजल को भी दूषित कर रहा है, लेकिन जलाशय को इससे मुक्त करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
इस घटना का सीधा असर स्थानीय पर्यावरण और भूजल की गुणवत्ता पर पड़ रहा है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
