हाजीपुर स्टेशन पर बच्चा चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार; समस्तीपुर का झोलाछाप डॉक्टर है ‘मास्टरमाइंड’
रेल एसपी ने बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए हाजीपुर जंक्शन से चोरी हुए छह माह के बच्चे को बरामद किया है। इस दौरान तीन महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जीआरपी, इंटेलिजेंस विंग और एसटीएफ की टीम की कड़ी मेहनत के बाद यह सफलता मिली। यह ब्लाइंड केस था जिसमें मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली और छपरा में लगातार छापेमारी की गई।
बच्चा चोर गिरोह का मास्टरमाइंड समस्तीपुर शाहपुर पटोरी का रहने वाला झोलाछाप डॉक्टर अविनाश कुमार है, लेकिन भनक लगने पर वह मौके से भाग निकला। रेल एसपी वीणा कुमारी ने उसकी शीघ्र गिरफ्तारी का आदेश दिया है। रेल एसपी ने इस कांड का उद्भेदन करने वाले सभी पुलिस कर्मियों को नकद इनाम के साथ प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की है।
रेल एसपी ने बताया कि बच्चा चोर गिरोह का संचालन तीन-चार लेयर पर किया जा रहा है। एक लेयर रेलवे स्टेशन से बच्चा चोरी करने वाला है। दूसरा लेयर बच्चे का खरीदार ढूंढ़ता है तथा तीसरा लेयर हर रेलवे स्टेशन पर रेकी करके बताता है। ग्राहक मिलने पर तीन से लेकर पांच लाख रुपये में बच्चे का सौदा कर बेच दिया जाता है।
झोलाछाप डॉक्टर अविनाश कुमार समस्तीपुर जिला के महनपुर थाना क्षेत्र के बिनगामा जलालपुर गांव का रहने वाला है। उसका सहयोगी मुन्नी कुमारी ग्राहकों को खोजती थी। किरण देवी रेलवे स्टेशन पर रेकी कर बच्चे के बारे में बताती थी। उसके बाद अर्जुन कुमार पलक झपकते ही बच्चे की चोरी कर लेता था और डॉक्टर के क्लिनिक पर ले जाता था। ग्राहक को यह बताया जाता था कि एक व्यक्ति बच्चा छोड़ गया है। इस बच्चे को भी साढ़े तीन लाख में बेचा गया था। अर्जुन कुमार का बाप रंजीत राय भी इसी साल जून में बच्चा चोरी के आरोप में पकड़ा गया था।
